मैं, मुकेश अंबानी को मनाता, पूर्व चीफ सेलेक्टर ने बुमराह के वर्कलोड पर सुझाया नया उपाय
- Authored by: समीर कुमार ठाकुर
- Updated Aug 11, 2025, 04:37 PM IST
पूर्व चीफ सेलेक्टर दिलीप वेंगसरकर ने जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड के लिए एक नया उपाया सुझाया है। उन्होंने आईपीएल से दूरी बनाने की सलाह दी है और एक नया तरकीब सुझाया है। बुमराह इंग्लैंड दौरे पर 5 में से केवल 3 मैच ही खेल पाए थे।
आकाश और नीता अंबानी (साभार-X)
भारत-इंग्लैंड 5 मैच की सीरीज में टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड मैनेजमेंट पर खूब बवाल हुआ। पूर्व दिग्गज सहित जिनका क्रिकेट से कोई लेना-देना नहीं है उसने भी उनके वर्कलोड की खूब आलोचना की। 5 मैच की सीरीज शुरू होने से पहले ही उन्होंने ऐलान कर दिया था कि वह केवल 3 मैच की खेल पाएंगे। इंग्लैंड दौरे पर बुमराह ने पहला, तीसरा और चौथा टेस्ट मैच खेला। हालांकि, 3 मैच में उन्होंने दो फाइफर सहित 14 विकेट चटकाए। वह अलग बात है कि मोहम्मद सिराज ने उनकी जरा भी कमी नहीं होने दी।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि क्या वर्कलोड मैनेजमेंट खिलाड़ी डिसाइड करेंगे, क्योंकि इस पर दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा था कि जब आप देश के लिए खेलते हैं तो आपको अपना सर्वस्व देना चाहिए। अब इस पर पूर्व चीफ सेलेक्टर दिलीप वेंगसरकर की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा, हो सकता है अगर बुमराह सभी मैच खेलते तो हम सीरीज जीत सकते थे। इसके अलावा उन्होंने उनके आईपीएल खेलने पर सवाल उठाया।
कोई याद नहीं रखेगा आईपीएल के रिकॉर्ड
वेंगसरकर ने जसप्रीत बुमराह के आईपीएल खेलने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा 'आईपीएल में कितने रन बने और कितनी विकेट ली गई, ये कौन याद रखता है? लेकिन लोग मोहम्मद सिराज की गेंदबाजी, शुभमन गिल, केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत की शानदार बल्लेबाज़ी को जरूर याद रखेंगे। काश जसप्रीत बुमराह हर मैच के लिए उपलब्ध होते तो हम सीरीज़ जीत सकते थे।
बुमराह के लिए मैं मुकेश अंबानी को मनाता
अगर मैं चीफ सेलेक्टर होता तो मुंबई इंडियंस के मालिक और जसप्रीत बुमराह को मनाता। बुमराह को इंग्लैंड सीरीज के लिए आईपीएल से दूर रहने या कम मैच खेलने की अपील करता। मुझे पूरा यकीन है कि वे इस बात को समझते और हामी भी भर देते। क्या आईपीएल नहीं खेलने से जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड सीरीज में सभी 5 मैच खेल लेते। यह कह पाना तो मुश्किल है, लेकिन इससे वर्कलोड को कम करने में तो जरूर मदद मिलेगी।
