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कैसे फिट रहेगी टीम इंडिया? जब फिटनेस टेस्ट में ही हो रही धांधली; BCCI ने खुद किया भंडाफोड़

एक रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने टीम के मुख्य फिजियो कमलेश जैन से सीधे बात की और स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी खिलाड़ी के रुतबे या कद की परवाह किए बिना अगर फिटनेस में थोड़ी भी कमी दिखे तो तुरंत रिपोर्ट करें। बीसीसीआई ने यह कदम लगातार चोटिल हो रहे खिलाड़ियों की वजह से उठाया है।

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बीसीसीआई ने फिटनेस टेस्ट में गड़बड़ी का किया भंडाफोड़। फाइल फोटो

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। टीम इंडिया के खिलाड़ियों की बढ़ती इंजरी के मामले प्रबंधन का सिर दर्द बने हुए थे। हालांकि, अब पता चला है कि खिलाड़ियों को उनकी सीनियरटी के हिसाब से फिटनेस टेस्ट पास करने का टारेगट मिला था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने खुद इसका भंडाफोड़ किया है और कड़ा रुख अपनाया है।

रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने टीम के मुख्य फिजियो कमलेश जैन से सीधे बात की और स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी खिलाड़ी के रुतबे या कद की परवाह किए बिना अगर फिटनेस में थोड़ी भी कमी दिखे तो तुरंत रिपोर्ट करें। बीसीसीआई ने यह कदम लगातार चोटिल हो रहे खिलाड़ियों की वजह से उठाया है।

खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग पैमाने

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए फिटनेस के अलग-अलग पैमाने तय करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सीनियर खिलाड़ियों को पास कराने के लिए आसान और सहूलियत भरे फिटनेस पैरामीटर्स दिए जा रहे थे। स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रूक्स के आने के बाद अब पारंपरिक यो-यो टेस्ट की जगह ब्रोंको टेस्ट को मुख्य फिटनेस मानक बनाया गया है, जिसने खिलाड़ियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ब्रोंको टेस्ट के लिए अब तक कोई बेस पैरामीटर नहीं था। आयरलैंड और इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल टूर पर खराब प्रदर्शन के बाद BCCI की मेडिकल टीम ने सिलेक्शन के लिए फिट माने जाने के वास्ते अब अलग-अलग ड्रिल पूरी करने के लिए 5.15-5.20 मिनट का बेस टाइम तय किया है। इससे पहले, BCCI ने बेसिक यो-यो टेस्ट पास करने के लिए 16.5 का स्कोर तय किया था। CoE ने 2 km रनिंग टेस्ट (जिसे 2K टेस्ट भी कहते हैं) पूरा करने के लिए 9-10 मिनट का समय तय किया है।

BCCI ने खराब फिटनेस टेस्ट पर सवाल उठाए

टाइम्स ऑफ इंडिया ने BCCI के एक सूत्र हवाले से लिखा, भारतीय खिलाड़ी ब्रोंको टेस्ट के आदी नहीं हैं। पिछले साल CoE ने खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग बेस पैरामीटर तय किए थे। अब यह बात सामने आई है कि कुछ सीनियर खिलाड़ियों को फिटनेस टेस्ट पास करने के लिए काफी आसान टारगेट दिए गए थे। CoE स्टाफ ने हर्षित राणा और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को भी मंज़ूरी दी थी। ताकि यह पक्का किया जा सके कि वे टीम मैनेजमेंट की जरूरतों के हिसाब से खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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