स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) 2026 टी20 विश्व कप अभियान के दौरान खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की रियायत देने के मूड में नहीं दिख रहा है। ऐसे में एक रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई ने हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव की बड़ी मांग को ठुकरा दिया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बीसीसीआई अपने नियम पर अडिग है।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि टीम प्रबंधन ने बीसीसीआई से पूछा था कि क्या खिलाड़ियों की पत्नियां और मंगेतर इस मेगा इवेंट के दौरान उनके साथ रह सकते हैं? हालांकि, भारतीय क्रिकेट शासी निकाय ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया है। बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ी टी20 विश्व कप के दौरान भारतीय टीम के साथ एक ही शहर में यात्रा करने और रहने के लिए अपने परिवारों की व्यवस्था स्वयं कर सकते हैं।
परिवार के साथ रहना से किया मना
उसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खिलाड़ियों के साथ परिवारों के रहने पर रोक लगाने का निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि कई खिलाड़ी अनौपचारिक टीम बैठकों में शामिल नहीं हुए और इसके बजाय अपने जीवनसाथी और बच्चों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं।
भारत में ही खेलने हैं ज्यादातर मैच
भारतीय टीम मेगा टूर्नामेंट में अपने सभी मैच घरेलू मैदान पर खेल रही है। सिवाय पाकिस्तान के खिलाफ वह कोलंबो में खेलेगी। टीम इंडिया के मुकाबले मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद और दिल्ली में होंगे। भारतीय टीम कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में पाकिस्तान से भिड़ेगी। अगर नॉकआउट राउंड में उनका सामना अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी से होता है तो मौजूदा चैंपियन को फिर कोलंबो जाना होगा नहीं तो कोलकाता में अपना मुकाबला खेलेगी।
BGT के बाद BCCI ने बनाए सख्त नियम
बीसीसीआई पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद जारी किए गए अपने सख्त फरमान पर अडिग है, जब टीम बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 3-1 से हार गई थी। इनमें से सबसे चर्चित निर्णय वह था जिसमें खिलाड़ियों के परिवार को दौरे के दौरान उनके साथ रहने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। अधिसूचना में कहा गया था कि खिलाड़ी अपने परिवार के सदस्यों के साथ 45 दिनों से अधिक के दौरे पर अधिकतम 15 दिनों तक ही रह सकते हैं।
