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BCCI ने दिया बड़ा तोहफा, घरेलू महिला क्रिकेटरों की सैलरी में 150% का जबरदस्त इजाफा

BCCI Women Salary: बोर्ड ऑफ क्रिकेट कंट्रोल ऑफ इंडिया ने महिला क्रिकेटरों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घरेलू क्रिकेटर्स की सैलरी में बंपर उछाल कर दिया है। इसके बाद अब देश में घरेलू स्तर पर महिला खेल का विकास होगा।

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डोमेस्टिक क्रिकेटर्स की सैलरी में इजाफा (फोटो- shafali verma instagram)

BCCI Women Salary : भारतीय घरेलू क्रिकेट में महिला क्रिकेटरों के लिए एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा की गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने महिला क्रिकेटरों के वेतन ढांचे में व्यापक संशोधन करते हुए उनकी मैच फीस में 150 प्रतिशत की भारी वृद्धि की है। इस फैसले का उद्देश्य घरेलू स्तर पर खेल रही महिला खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें पेशेवर क्रिकेट को करियर के रूप में चुनने के लिए प्रोत्साहित करना है। अब घरेलू टूर्नामेंट खेलने वाली महिला खिलाड़ियों को पहले के मुकाबले ढाई गुना अधिक मानदेय मिलेगा, जो भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी वेतन वृद्धि मानी जा रही है।

सीनियर महिला खिलाड़ियों के लिए नया वेतन ढांचा

नए संशोधित नियमों के अनुसार, सीनियर महिला टूर्नामेंटों में हिस्सा लेने वाली 'प्लेइंग इलेवन' (अंतिम 11) की खिलाड़ियों को अब प्रति दिन 50,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। इससे पहले यह राशि मात्र 20,000 रुपये प्रति दिन थी। इसी तरह, रिजर्व (बेंच पर बैठने वाली) खिलाड़ियों के मानदेय में भी दोगुनी से अधिक बढ़ोतरी की गई है। रिजर्व खिलाड़ियों को अब प्रति दिन 10,000 रुपये के स्थान पर 25,000 रुपये मिलेंगे। टी20 मैचों के लिए भी दरों को संशोधित किया गया है, जहाँ प्लेइंग इलेवन के लिए 25,000 रुपये और रिजर्व खिलाड़ियों के लिए 12,500 रुपये प्रति मैच निर्धारित किए गए हैं।

जूनियर क्रिकेटरों के मानदेय में भी जबरदस्त सुधार

बीसीसीआई ने भविष्य की प्रतिभाओं यानी जूनियर महिला क्रिकेटरों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा है। जूनियर महिला टूर्नामेंटों में खेलने वाली प्लेइंग इलेवन की खिलाड़ियों को अब प्रति दिन 25,000 रुपये मिलेंगे, जो पहले केवल 10,000 रुपये था। वहीं, जूनियर स्तर की रिजर्व खिलाड़ियों का वेतन 5,000 रुपये से बढ़ाकर 12,500 रुपये प्रति दिन कर दिया गया है। जूनियर टी20 मैचों के लिए प्लेइंग इलेवन को 12,500 रुपये और रिजर्व खिलाड़ियों को 6,250 रुपये दिए जाएंगे। यह वृद्धि सुनिश्चित करती है कि जमीनी स्तर से ही लड़कियों को क्रिकेट के प्रति आर्थिक सुरक्षा का अहसास हो।

पहले की तुलना में सालाना कमाई में बड़ा उछाल

यदि पुराने ढांचे पर गौर करें, तो एक औसत सीनियर महिला क्रिकेटर, जिसकी टीम केवल लीग चरणों तक ही खेल पाती थी, पूरे सीजन में लगभग 2 लाख रुपये ही कमा पाती थी। वेतन में 150 प्रतिशत की इस वृद्धि के बाद अब खिलाड़ियों की सालाना आय में भी जबरदस्त उछाल आएगा। यह कदम न केवल खिलाड़ियों के जीवन स्तर को सुधारेगा, बल्कि उन युवा लड़कियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा जो संसाधनों की कमी के कारण खेल से पीछे हट जाती थीं। इस फैसले से घरेलू क्रिकेट का प्रतिस्पर्धात्मक स्तर बढ़ने की भी पूरी संभावना है क्योंकि अब खिलाड़ी पूरी तरह से खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।

महिला क्रिकेट के विकास की दिशा में एक ठोस कदम

बीसीसीआई का यह सुधार ऐसे समय में आया है जब भारत में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता अपने चरम पर है। महिला प्रीमियर लीग (WPL) की सफलता के बाद घरेलू भुगतान में यह वृद्धि महिला क्रिकेट के इकोसिस्टम को पूरी तरह बदल देगी। जानकारों का मानना है कि वेतन में समानता और बेहतर सुविधाओं से आने वाले वर्षों में भारतीय महिला टीम को और भी मजबूत बेंच स्ट्रेंथ मिलेगी। यह फैसला स्पष्ट करता है कि बोर्ड अब पुरुष और महिला क्रिकेट के बीच के अंतर को कम करने के लिए गंभीर है और घरेलू ढांचे को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के करीब ले जाना चाहता है।

SIddharth Sharma
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सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुन... और देखें

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