दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में छह विकेट से मिली हार कैपिटल्स को बहुत चुभी। मैच के बाद इसका दर्द कप्तान अक्षर पटेल के चेहरे और बयान में देखने को मिला। उन्होंने गुस्से में कहा कि फील्डिंग में जिस तरह से टीम का प्रदर्शन रहा, उसके हिसाब से वह हारने के हकदार थे। अक्षर पटेल ने मौकों को भुनाने की बात कही। गुस्से में अक्षर पटेल ने खराब फील्डिंग पर जमकर खरी-खोटी सुनाई।
आईपीएल 2026 के एक मैच में दिल्ली कैपिटल्स के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने 67 गेंद पर 152 रन की पारी खेली। हालांकि, इसके बावजूद दिल्ली की टीम हार जाती है। दिल्ली ने करुण नायर की बदौलत ये मैच सचमुच अपने हाथों से फिसलने दिया। करुण नायर ने दो बार श्रेयस अय्यर का दो बार कैच छोड़ा। इसके चलते दिल्ली की टीम मैच में पीछे छूट गई। हार के बाद अक्षर पटेल ने इसी तरफ इशारा किया।
हम हारने के हकदार थे
अक्षर ने कहा, विकेट की स्थिति को देखते हुए, अगर आप अपने गेंदबाजों का साथ नहीं देते और इतने मौके गंवाते रहते हैं, तो मुझे लगता है कि हम हारने के हकदार थे। पिच अच्छी थी और मैदान छोटा था, इसलिए छक्के लगना तो तय था। हालांकि, जब मौके मिलते हैं और आप एक भी छक्का नहीं मार पाते, तो आप मौके गंवा देते हैं, जैसा कि हमने आज किया।
हार के रहे मुख्य कारण
दिल्ली के कप्ताने ने आगे कहा, इस तरह के विकेट पर, अगर आप अपने गेंदबाजों का साथ नहीं देते, तो मुश्किल हो जाती है। साथ ही, हमें अपनी गेंदबाजी पर भी ध्यान देना होगा। पावरप्ले में हमारी गेंदबाजी, तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन, फील्डिंग और जो मौके हमने गंवाए, वे मुख्य कारण थे। क्योंकि इस तरह के विकेट पर 264 का स्कोर बहुत अच्छा था। अगर सकारात्मक पक्ष देखें, तो हमने 264 रन बनाए, जो इंडियन प्रीमियर लीग में एक रिकॉर्ड स्कोर है। इससे पता चलता है कि अगर किस्मत थोड़ी सी भी साथ दे और आप कैच पकड़ लें, तो आप लगातार दो या तीन मैच जीत सकते हैं।
मौके भुना लिए होते तो नतीजे पक्ष में होते
अक्षर ने कहा, अगर हम जिन मैचों में हार रहे हैं, उन्हें देखें, तो उनमें से कई करीबी मुकाबले थे। टॉस के समय भी मैंने यही कहा था, अगर हम अहम मौकों को भुना लेते, तो दो-तीन नतीजे हमारे पक्ष में जा सकते थे और हम जीत का सिलसिला जारी रख सकते थे। लेकिन अहम बात यह है कि आपको उन मौकों का फायदा उठाना होगा। ऐसा बार-बार नहीं होना चाहिए कि आप हर बार आएं और वही गलतियां दोहराएं। इसलिए मुझे लगता है कि हम वापस जाएंगे, दोबारा समीक्षा करेंगे, देखेंगे कि हम क्या कर सकते हैं और कहां सुधार कर सकते हैं।
