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Ajinkya Rahane Century: छत्तीसगढ़ के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में शतक जड़ने के बाद अजिंक्य रहाणे ने लिया चयनसमिति को आड़े हाथ

मुंबई रणजी टीम के पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने छत्तीसगढ़ के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में शानदार शतकीय पारी खेलने के बाद अजीत आगरकर की अध्यक्षता वाली चयनसमिति को आड़े हाथ लिया है।

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अजिंक्य रहाणे(फोटो क्रेडिट Ajinkya Rahane X)

मुंबई: अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने रविवार को भारत के 2024-25 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए नजरअंदाज किए जाने पर दु:ख जाहिर किया और कहा कि राष्ट्रीय चयन के लिए उम्र कोई मानदंड नहीं होनी चाहिए। उनका मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर उनकी मौजूदगी टीम के लिए फायदेमंद होती। रहाणे ने यहां रणजी ट्रॉफी में छत्तीसगढ़ के खिलाफ मुंबई के लिए खेलते हुए 303 गेंद में 21 चौकों की मदद से 159 रन की शानदार पारी खेली। लेकिन बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में नहीं खेल पाने का मलाल उन्हें अब भी है जिसमें भारत 1-3 से हार गया था।

इस आधार पर नहीं होना चाहिए चयन

रहाणे का आखिरी टेस्ट 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ था। उन्होंने कहा, 'उम्र सिर्फ एक संख्या है। एक खिलाड़ी के तौर पर, अगर आपके पास अनुभव है, अगर आप अब भी घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं, अगर आप अब भी अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं तो मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं को (चयन के लिए) विचार करना चाहिए। यह उम्र की बात नहीं है। यह इरादे की बात है। यह लाल गेंद (क्रिकेट) के प्रति जुनून और मैदान पर की जाने वाली कड़ी मेहनत की बात है। यही मेरे लिए मायने रखता है इसलिए मैं इसमें पूरी तरह विश्वास नहीं करता।'

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम को थी मेरी जरूरत

इस 37 वर्षीय खिलाड़ी ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर माइकल हसी का उदाहरण दिया जिन्होंने काफी देर से टेस्ट पदार्पण किया था। उन्होंने कहा,'ऑस्ट्रेलिया में (अगर) आप देखें। माइकल हसी ने 30 के दशक के अंत में पदार्पण किया था और फिर भी उन्होंने रन बनाए। लाल गेंद वाले क्रिकेट में अनुभव मायने रखता है और मुझे व्यक्तिगत रूप से लगा कि भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया में मेरी जरूरत थी, यह मेरा व्यक्तिगत अहसास है।'

डब्लूटीसी फाइनल के लिए हुई थी रहाणे की टीम में वापसी

रहाणे ने 2020-21 में ऑस्ट्रेलियाई टीम पर 2-1 से रोमांचक जीत दिलाई थी। उन्होंने 2023 में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में टेस्ट क्रिकेट में वापसी की। फिर वह वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी बार देश के लिए खेले थे। उन्होंने याद करते हुए कहा,'मैंने 2023 के डब्ल्यूटीसी फाइनल में वापसी की और उससे पहले मैंने दो साल घरेलू क्रिकेट खेला (जहां) मैंने अच्छा प्रदर्शन किया। मैंने आईपीएल में भी अच्छा प्रदर्शन किया और वापसी करते हुए डब्ल्यूटीसी फाइनल में जगह बनाई।'

चयनकर्ताओं ने नहीं किया कोई संवाद

लेकिन मुंबई के इस खिलाड़ी को खुद के बाहर किए जाने के बाद संवाद की कमी का दुख था। उन्होंने कहा,'भारतीय टीम के लिए इतना क्रिकेट खेलने के बाद मेरे जैसे अनुभवी खिलाड़ी को जब टीम से बाहर किया गया तो मुझे लगा कि कुछ अलग है। मैंने सोचा था कि वापसी करने पर मेरे जैसे अनुभवी खिलाड़ी को और मौके मिलने चाहिए। लेकिन कोई संवाद नहीं हुआ।' उन्होंने कहा,'मैं सिर्फ उन चीजों पर ध्यान केंद्रित कर सकता हूं जिन पर नियंत्रण किया जा सकता है जो मैं अभी कर रहा हूं। अगर वे मुझे चुनते हैं या नहीं भी चुनते हैं तो कोई बात नहीं, यह उनका फैसला था। लेकिन जैसा कि मैंने कहा कि भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया में मेरी जरूरत थी और मैं इसके लिए पूरी तरह तैयार था।'

इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में होता है अनुभव अहम

रहाणे ने कहा कि वह अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति की इस मांग को पूरा कर रहे हैं कि सभी भारतीय खिलाड़ी जब भी खाली और उपलब्ध हों तो घरेलू क्रिकेट खेलें और उन्होंने कहा कि अनुभव को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा,'आप हमेशा चयनकर्ताओं को घरेलू क्रिकेट खेलने की बात करते हुए देखते हैं। मैं पिछले 4-5 सत्र से घरेलू क्रिकेट खेल रहा हूं। कभी-कभी यह रनों या प्रदर्शन के बारे में नहीं होता। यह इरादे के बारे में होता है। यह अनुभव के बारे में होता है। जब आप ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड (या) दक्षिण अफ्रीका में खेलते हैं तो यह अनुभव के बारे में होता है।

नहीं करता हूं इस बात पर भरोसा

रहाणे ने आगे कहा, 'मैं इस बात पर विश्वास नहीं करता कि 34 या 35 साल के बाद खिलाड़ी बूढ़े हो जाते हैं। खिलाड़ी हमेशा अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। खिलाड़ी हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं और अगर कोई सचमुच लाल गेंद से क्रिकेट खेलने का जुनून रखता है तो मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं को इस पर गौर करना चाहिए क्योंकि वे आकर मैच देखते हैं।'

विराट रोहित ने साबित किया कि उम्र महज एक संख्या है

रहाणे ने इसके बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली के प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा,'उनका प्रदर्शन यह साबित करता है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। शीर्ष स्तर पर जब आपके पास रोहित और विराट जैसे खिलाड़ी हों जिन्होंने भारत के लिए कई मैच जीते हैं, खासकर सफेद गेंद वाले क्रिकेट में तो आपको टीम में उस अनुभव की जरूरत होती है।'

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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