स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खराब प्रदर्शन के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अपने आखिरी लीग मुकाबले में ओमान को पटखनी दी। ऑस्ट्रेलिया ने एडम जंपा और मिचेल मार्श की तूफानी पारी की बदलौत सिर्फ 9.4 ओवरों में यह लक्ष्य हासिल कर लिया। जंपा ने घातक गेंदबाजी करते हुए 3.2 ओवर में चार विकेट चटकाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब मिला। हालांकि, मैच के बाद वह निराश दिखे और भावुक दिखे।
प्रेजेंटेशन के दौरान जंपा ने कहा कि वर्ल्ड कप में इतनी जल्दी सफर खत्म होने से वह निराश हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि वह फिलहाल घर के लिए फ्लाइट नहीं पकड़ना चाहते हैं। उन्होंने टीम को लेकर भी बहुत कुछ कहा।
'टीम में दबी आवाज में हो रही बातें'
जंपा ने कहा, सच कहूं तो, पिछले कुछ दिन बहुत मुश्किल रहे हैं। टीम में आजकल कुछ लोग दबी आवाज में बातें कर रहे हैं। वर्ल्ड कप में सफर के इतनी जल्दी खत्म होने से हम निराश हैं। हमें सच में लगा था कि हमने पिछले कुछ सालों में कुछ अच्छा बनाया है और क्रिकेट की एक ऐसी शैली विकसित की है जिस पर हमें भरोसा था कि वह सफल होगी। दुर्भाग्य से, जब दबाव आया तो वह हमारे पक्ष में नहीं रही।
'मैं और बेहतर कर सकता था'
जंपा ने आगे कहा, पीछे मुड़कर देखें तो मुझे यह भी लगता है कि मैं और बेहतर कर सकता था- खासकर उस मैच में जब हम 110 रन पर एक विकेट पर थे। उस स्थिति से 180 से कहीं ज्यादा बड़े स्कोर की उम्मीद की जा सकती थी। उस मैच में मेरा योगदान वैसा नहीं था जैसा मैं चाहता था और मैं इससे खुश नहीं हूं, जैसा कि मैंने कहा, मेरे ऊपर दबाव बनाकर खेलने वाले खिलाड़ियों ने भी भूमिका निभाई, लेकिन मेरे नजरिए से, मैं और बेहतर प्रदर्शन कर सकता था, खासकर श्रीलंका के खिलाफ मैच में।
'घर लौटने के लिए तैयार नहीं'
स्टार स्पिनर ने कहा, मेरा काम बीच के ओवरों में विकेट लेना है। मैंने कुछ मैचों में ऐसा किया, लेकिन लगातार नहीं। हमने पिछले कुछ सालों में काफी मेहनत की है और बड़े टूर्नामेंटों में हर किसी को अपनी भूमिका निभानी होती है। दुर्भाग्य से, जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, हम अपना वादा पूरा नहीं कर पाए। विकेट लेना हमेशा बेहतर होता है, लेकिन सच कहूं तो, अभी मेरे दिमाग में विकेट लेने का ख्याल नहीं है। मैं कुल मिलाकर काफी निराश हूं। मैं कल घर लौटने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हूं।
दो मैच जीत सकी ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया अपने ग्रुप में नंबर तीन पर रहा। उसने चार मैच में से मात्र दो में जीत दर्ज की। टीम सुपर-8 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई। टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह दूसरी बार है जब ऑस्ट्रेलिया ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई है।
