एडम गिलक्रिस्ट ने बताया कैसा है डेमियन मार्टिन की तबीयत का हाल, रिकवरी को बताया चमत्कार
- Edited by: नवीन चौहान
- Updated Jan 4, 2026, 10:22 PM IST
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट ने कहा कि टीम के उनके साथी डेमियन मार्टिन ‘मेनिन्जाइटिस’ (दिमागी बुखार) से उबरने की प्रक्रिया किसी ‘चमत्कारी वापसी’ की तरह है।
डेमियन मार्टिन (फोटो क्रेडिट ICC X)
मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट ने कहा कि टीम के उनके साथी डेमियन मार्टिन ‘मेनिन्जाइटिस’ (दिमागी बुखार) से उबरने की प्रक्रिया किसी ‘चमत्कारी वापसी’ की तरह है। वह अब कोमा से बाहर आने के बाद बात करने में सक्षम है। गिलक्रिस्ट ने बताया कि मार्टिन के मेनिन्जाइटिस से पीड़ित होने का पता चलने के बाद गोल्ड कोस्ट के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह इलाज के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं और अब बात करने में सक्षम हैं।
48 घंटों में देखने को मिला अविश्वसनीय घटनाक्रम
क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू ने गिलक्रिस्ट के हवाले से कहा,'पिछले 48 घंटों में अविश्वसनीय घटनाक्रम देखने को मिला है। इलाज का असर हो रहा है और अब बात करने में सक्षम है। वह अस्पताल में ही रहेंगे और उनका इलाज जारी रहेगा। उनकी हालत में आया बदलाव किसी चमत्कार से कम नहीं है। कोमा से बाहर आने के बाद से उनकी सेहत में असाधारण रूप से सुधार हुआ है, यहां तक कि उनके परिवार को भी यह किसी चमत्कार से कम नहीं लग रहा है।'
जल्द मिल जाएगी आईसीयू से छुट्टी
इस दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज ने बताया कि मार्टिन के परिवार को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही आईसीयू से छुट्टी मिल जाएगी। उन्होंने कहा,'अब हालात इतने सकारात्मक रहे हैं कि उन्हें उम्मीद है कि उन्हें आईसीयू से अस्पताल के दूसरे हिस्से में स्थानांतरित किया जा सकेगा। उनका मनोबल ऊंचा है और वह खुद को मिल रहे समर्थन से अभिभूत हैं। अभी कुछ इलाज और निगरानी बाकी है, लेकिन स्थिति सकारात्मक दिख रही है।' गिलक्रिस्ट ने कहा,'उनकी पत्नी अमांडा सभी से कहना चाहती हैं कि उन्हें पूरा विश्वास है कि लोगों से मिले प्यार, सद्भावना और देखभाल ने उनकी बहुत मदद की है।'
1999 और 2003 की वर्ल्ड कप विनिंग टीम का थे हिस्सा
डार्विन में जन्मे मार्टिन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 1992-93 की श्रृंखला में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने आखिरी टेस्ट एशेज 2006-07 में खेला जिसके बाद वह कमेंट्री करने लगे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 67 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्होंने 208 वनडे में 40.8 की औसत से रन बनाये और 1999 तथा 2003 विश्व कप विजेता ऑस्ट्रेलिया टीम के सदस्य थे। उन्होंने 2003 फाइनल में भारत के खिलाफ नाबाद 88 रन बनाये थे जबकि ऊंगली में फ्रैक्चर के बाद वह बल्लेबाजी कर रहे थे। वह 2006 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम के भी सदस्य थे।
(भाषा)