भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद और नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन के बीच फिडे वर्ल्ड कप चेस टूर्नामेंट के फाइनल के दूसरे गेम में जोरदार टक्कर हुई। दूसरे दौर का मुकाबला भी दोनों के बीच ड्रॉ रहा। अब खिताबी जीत का फैसला गुरुवार को टाइ ब्रेकर के जरिए होगा। पहले राउंड का मुकाबला जहां 35 चाल तक चला था वहीं दूसरे राउंड में दोनों के बीच 30 चाल के बाद ही ड्रॉ पर सहमति बन गई। मैच में दोनों की चाल की आक्रामकता का अंदाजा परिणाम से नहीं लगाया जा सकता। दोनों सहजभाव से ड्रॉ के लिए राजी हो गए।
दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी कार्लसन और नंबर 23 खिलाड़ी प्रज्ञानंद के बीच पहले दो दौर के मुकाबले ड्रॉ होने के बाद अब टाइ ब्रेकर के जरिए वर्ल्ड चैंपियनशिप का फैसला होगा। कार्लसन ने सफेद मोहरों से प्रज्ञानानंदा के खिलाफ ठोस प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ी को हालांकि काले मोहरों से खेलते हुए किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और दोनों खिलाड़ी 30 चाल के बाद मुकाबले को ड्रॉ करने पर राजी हो गए।
पहले दौर का मुकाबला 35 चालों बाद हुआ था ड्रॉ
पहले दौर के मुकाबले में दोनों के बीच मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ था। 18 साल के भारतीय खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अनुभवी कार्लसन को ड्रॉ खेलने पर मजबूर कर दिया था। सफेद मोहरों से खेलते हुए प्रज्ञानंद ने कार्लसन को जमकर परेशान किया। 35 चाल बाद दोनों के बीच ड्रॉ पर सहमति बनी।
नंबर तीन खिलाड़ी को दी थी सेमीफाइनल में मात
भारत के 18 साल के प्रज्ञानानंदा ने सोमवार को सेमीफाइनल में टाईब्रेक के जरिए दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी फाबियानो करूआना को हराया था और फाइनल में जगह बनाई थी। प्रज्ञानंदा इसके साथ ही महान बॉबी फिशर और कार्लसन के बाद कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने वाले तीसरे सबसे युवा खिलाड़ी बने।
