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Folarin Balogun Controversy: बेलोगुन के सस्पेंशन पर बढ़ा विवाद, बेल्जियम ने जताया विरोध

अमेरिकी फारवर्ड फोलारिन बेलोगुन पर फीफा के सस्पेंशन के फैसले को पलटने का विवाद बढ़ता जा रहा है। बुधवार को मुकाबला होना है और इससे पहले इस मुद्दे पर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है।

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फोलारिन बेलोगुन (साभार-X Fifa)

फुटबॉल विश्व कप में उस समय हंगामा मच गया जब बेल्जियम ने अमेरिकी फारवर्ड फोलारिन बेलोगुन पर सोमवार के मैच के लिए प्रतिबंध नहीं लगाने के फीफा के फैसले का विरोध किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फुटबॉल संस्था के प्रमुख को मनाने का श्रेय लिया। फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर हमला हुआ जो साफ तौर पर राजनीतिक दखलंदाजी का मामला लग रहा था। फीफा के नियमों के सख्त पालन से अमेरिका को वैश्विक खेल से निलंबित किया जा सकता था।

इससे पहले ट्रंप ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बात करने का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने बस रैफरी के उस ’बेहद खराब’ फैसले की ओर इशारा किया था जिसमें पिछले बुधवार को राउंड ऑफ 32 मैच में बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाड़ी पर गलत टैकल के लिए बेलोगुन को रेड कार्ड दिया गया था। ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ’’मैंने बस समीक्षा करने के लिए कहा था। मुझे नहीं लगा कि यह फाउल था।’’ उन्होंने अपने करीबी सहयोगी इन्फेंटिनो से बेलोगुन पर एक मैच का प्रतिबंध नहीं लगाने के लिए लॉबिंग की थी। हालांकि, बाद में फीफा प्रेसिडेंट इन्फेंटिनो ने कहा कि वह लगातार फीफा वर्ल्ड कप के दौरान बातचीत करते रहते हैं। यह पहली बार नहीं है।

बेल्जियम ने दर्ज कराया विरोध

विश्व कप के 96 साल के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा विवाद बनता जा रहा है जबकि कुछ घंटों बाद सिएटल में अमेरिका-बेल्जियम मैच होना है जिसका विजेता क्वार्टर फाइनल में जगह बनाएगा। बेल्जियम फुटबॉल महासंघ ने एक बयान में कहा कि वह ’बहुत चिंतित’ है। बयान में फीफा के प्रति स्पष्ट निराशा जाहिर की गई क्योंकि बेलोगुन से जुड़े फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया तय करने में अच्छी नीयत की कमी दिखी।

UEFA ने भी फीफा के फैसले पर उठाया था सवाल

इससे पहले यूरोपीय फुटबॉल संस्था यूएफा ने फीफा के ’समझ से बाहर और अनुचित फैसले’ की आलोचना की थी। यूएफा ने कहा कि बेलोगुन पर अनिवार्य एक मैच का प्रतिबंध नहीं लगाकर फीफा ने सीमा पार की है। इस फैसले की दुनिया भर में कड़ी आलोचना हुई। नॉर्वे के कोच स्टेल सोलबक्केन ने रविवार को अपनी टीम के ब्राजील को हराकर क्वार्टर क्वार्टर में पहुंचने के बाद कहा, ’’यह बहुत, बहुत, बहुत, बहुत, बहुत बुरा फैसला है जो विश्व कप को नुकसान पहुंचाएगा।’’

यूएफा ने कहा, ’’जब नियमों को लागू करने वाले ही उनकी निश्चितता की गारंटी नहीं देते तो खेल की ईमानदारी खतरे में पड़ जाती है और प्रतियोगिता की विश्वसनीयता कम हो जाती है।’’

Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुरauthor

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य प्रमुख खेलों की गहरी समझ रखते हैं। खेलों की बारीकियों को पकड़ने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मैच परिस्थितियों को सरल व रोचक अंदाज में समझाने की उनकी क्षमता उन्हें स्पोर्ट्स बीट का एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है। जर्नलिज़्म में डिप्लोमा कर चुके समीर ने टीवी मीडिया में भी काम किया है, जिससे उन्हें लाइव न्यूज प्रेजेंटेशन, ब्रेकिंग अपडेट्स और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिला। समीर अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स इंटरव्यू, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग और मैच व सीरीज आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

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