स्पोर्ट्स

Women’s Day: रेलवे की नौकरी छोड़ इस कोच ने बच्चों का करियर बनाने का लिया संकल्प, कई बच्चे खेल चुके हैं इंटरनेशल

  • Authored by: शेखर झा
  • Updated Mar 8, 2023, 10:26 AM IST

Basketball Coach Kalva Radha Rao: नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चों का करियर संवारने के लिए बास्केटबॉल कोच राधा राव ने रेलवे की नौकरी छोड़ने का फैसला किया। 10 साल पहले शुरू हुआ कारवां अभी भी जारी है। हर साल सेलेक्शन ट्रायल के माध्यम से प्रतिभावान बच्चों का चयन करती हैं और उन बच्चों को नेशनल और इंटरनेशनल टूर्नामेंट के लिए तैयार करती हैं।

Image

कोच राधा राव खिलाड़ियों के साथ।

Photo : Times Now Digital

Basketball Coach Kalva Radha Rao: कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो हर कठिन राह आसान लगने लगता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है छत्तीसगढ़ की बास्केटबॉल कोच कालवा राधा राव ने। खेल के दम पर नाम कमाया फिर उसी के दम पर नौकरी हासिल की। इसके बाद उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के करियर को संवारने का जिम्मा उठाया। इसके लिए उन्होंने नौकरी तक छोड़ दीं। अब तक उनके सिखाए बच्चे देश-विदेश के टूर्नामेंट में परचम लहरा चुकी हैं। आइए जानते हैं विश्व महिला दिवस पर एक महिला कोच की उपलब्धियों के बारे में...

फ्री में देती हैं आदिवासी बच्चों को ट्रेनिंग

बास्केटबॉल कोच राधा राव करीब दस सालों से आदिवासी बच्चों को फ्री में ट्रेनिंग दे रही हैं। इसमें वह नक्सल प्रभावित एरिया के बच्चों को प्राथमिकता देती हैं। उनके सिखाए बच्चें नेशनल के अलावा इंटरनेशनल टूर्नामेंट में मेडल जीत चुके हैं। इसमें से दो खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल में, जबकि 25 से अधिक खिलाड़ियों ने नेशनल में मेडल जीते हैं।

100 बच्चों को दे चुकी हैं ट्रेनिंग

राधा हर साल नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सेलेक्शन ट्रायल लेती हैं। सलेक्शन ट्रायल के जरिए 15-20 खिलाड़ियों का चयन करती हैं। चयनित खिलाड़ियों को रखने के साथ फ्री में ट्रेनिंग देती हैं। इसके अलावा उन बच्चों को स्कूल में एडमिशन भी कराती हैं। अभी तक करीब 100 से अधिक बच्चों को ट्रेनिंग दे चुकी हैं।

खिलाड़ियों का ऐसे करती हैं सेलेक्शन

राधा नेशनल में छत्तीसगढ़ के अलावा पंजाब टीम से भी खेल चुकी हैं। 15 से अधिक नेशनल और इंटरनेशनल में हिस्सा ले चुकी हैं। खेल के प्रदर्शन के आधार पर राधा को ईस्टर्न रेलवे में नौकरी मिली। लेकिन बच्चों को ट्रेनिंग देने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़कर राजनांदगांव आ गईं। हर साल नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जाकर बच्चों चयन करती हैं। हर साल जनवरी में बच्चों की तलाश शुरू करती हैं और यह प्रक्रिया अप्रैल तक चलती है। चयनित बच्चों के पास एक साल का समय होता है, जो बच्चे अच्छा प्रदर्शन करते हैं उनको आगे भी कैम्प में रखा जाता है।

कई खिलाड़ियो को मिल चुकी है नौकरी

राधा से ट्रेनिंग ले चुकी कई खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। पिछले दिनों आदिवासी क्षेत्र पत्थलगांव की बास्केटबॉल खिलाडी शांति खाखा, सरगुजा की शबनम एक्का का चयन खेल कोटे से दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे बिलासपुर में नौकरी मिली है।

राधा हो चुकी हैं सम्मानित

32 साल की राधा राव अपने खेल और कोचिंग को लेकर सम्मानित हो चुकी हैं। उनको छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट खिलाडी पुरस्कार के अलावा एनएसएनआईएस बेंगलुरु से बास्केटबॉल खेल में डिप्लोमा कोर्स एवं फीबा डब्ल्यूएबीसी का लेवल वन कोर्स कम्प्लीट किया है। वे यह उपलब्धियों हासिल करने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला खिलाड़ी हैं।

शेखर झा
शेखर झाauthor

शेखर झा टाइम्स नाउ हिंदी (Timesnowhindi.com) की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। वे मूल रूप से बिहार के मिथिलांचल से हैं। मूल रूप से बिहार के मधुबनी के रहने वाले शेखर ने शौकिया तौर पर साल 2011 में पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। ये शौक वक्त के साथ जूनुन में बदल गया। उनके पास खेल पत्रकारिता का 12 साल का अनुभव है। क्रिकेट के अलावा टेनिस, कबड्डी और बैडमिंटन में खास रुचि है। खिलाड़ियों की बायोग्राफी पढ़ना उन्हें पसंद हैं। शेखर ने सुरेश रैना, संजय बांगड़, दीप्ति शर्मा, राधा यादव जैसे नामचीन भारतीय क्रिकेटरों सहित बैडमिंटन के स्टार भारतीय खिलाड़ियों लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। शेखर की प्रारंभिक शिक्षा बिहार में हुई। बिहार बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे जहां उनका पत्रकारिता से पहला परिचय हुआ। रायपुर के अग्रसेन कॉलेज में ग्रेजुएशन करते हुए पत्रकारिता का काम शुरू किया और इसके बाद रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्धालय से पत्राकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और बतौर प्रोफेशनल अपने करियर की शुरुआत की। शेखर ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत साल 2011 में ईटीवी छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश के साथ की। इस संस्थान में 6 महीने काम करने के बाद उन्होंने स्थानीय अखबार नेशनल लुक के साथ प्रिंट मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका समूह के छत्तीसगढ़ संस्करण से जुड़े और वहां तीन साल तक बतौर सब-एडिटर/रिपोर्टर सेवाएं दीं। इसके बाद भारत के सबसे बड़े प्रिंट मीडिया समूह दैनिक भास्कर के डीबी स्टार में रिपोर्टर की भूमिका अदा की और कई बड़े खुलासे स्थानीय स्तर पर किए। इसके बाद अपमे गृह राज्य बिहार की राजधानी पटना में दैनिक जागरण समूह के आईनेक्स्ट वेंचर से जुड़े। 8 महीने के छोटे कार्यकाल के बाद दैनिक भास्कर के रायपुर संस्करण में बतौर रिपोर्टर वापसी हुई। रायपुर में दूसरी पारी के तीन साल के कार्यकाल के सफल निर्वहन के बाद मैनेजमेंट ने भास्कर के भोपाल स्थित नेशनल न्यूजरूम में ट्रांसफर कर दिया। जहां 17 महीने स्पोर्ट्स डेस्क पर बड़े इवेंट्स पर काम किया। इस दौरान इंडियन प्रीमियर लीग, टोक्यो ओलंपिक जैसे बड़े खेल आयोजन का व्यापक कवरेज किया। भास्कर के नेशनल न्यूज रूम में डिजिटल जर्नलिज्म का ककहरा सीखने के बाद फरवरी,2023 में टाइम्स ग्रुप के साथ जुड़ने का मौका मिला। तब से वह टाइम्स नाउ नवभारत की हिंदी वेबसाइट की स्पोर्ट्स डेस्क पर बतौर प्रिंसिपल कॉरस्पान्डन्ट कार्यरत हैं। इस दौरान शेखर ने इंडियन प्रीमियर लीग, आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 को कवर किया।

और पढ़ें
End of Article