Basketball Coach Kalva Radha Rao: कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो हर कठिन राह आसान लगने लगता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है छत्तीसगढ़ की बास्केटबॉल कोच कालवा राधा राव ने। खेल के दम पर नाम कमाया फिर उसी के दम पर नौकरी हासिल की। इसके बाद उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के करियर को संवारने का जिम्मा उठाया। इसके लिए उन्होंने नौकरी तक छोड़ दीं। अब तक उनके सिखाए बच्चे देश-विदेश के टूर्नामेंट में परचम लहरा चुकी हैं। आइए जानते हैं विश्व महिला दिवस पर एक महिला कोच की उपलब्धियों के बारे में...
फ्री में देती हैं आदिवासी बच्चों को ट्रेनिंग
बास्केटबॉल कोच राधा राव करीब दस सालों से आदिवासी बच्चों को फ्री में ट्रेनिंग दे रही हैं। इसमें वह नक्सल प्रभावित एरिया के बच्चों को प्राथमिकता देती हैं। उनके सिखाए बच्चें नेशनल के अलावा इंटरनेशनल टूर्नामेंट में मेडल जीत चुके हैं। इसमें से दो खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल में, जबकि 25 से अधिक खिलाड़ियों ने नेशनल में मेडल जीते हैं।
100 बच्चों को दे चुकी हैं ट्रेनिंग
राधा हर साल नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सेलेक्शन ट्रायल लेती हैं। सलेक्शन ट्रायल के जरिए 15-20 खिलाड़ियों का चयन करती हैं। चयनित खिलाड़ियों को रखने के साथ फ्री में ट्रेनिंग देती हैं। इसके अलावा उन बच्चों को स्कूल में एडमिशन भी कराती हैं। अभी तक करीब 100 से अधिक बच्चों को ट्रेनिंग दे चुकी हैं।
खिलाड़ियों का ऐसे करती हैं सेलेक्शन
राधा नेशनल में छत्तीसगढ़ के अलावा पंजाब टीम से भी खेल चुकी हैं। 15 से अधिक नेशनल और इंटरनेशनल में हिस्सा ले चुकी हैं। खेल के प्रदर्शन के आधार पर राधा को ईस्टर्न रेलवे में नौकरी मिली। लेकिन बच्चों को ट्रेनिंग देने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़कर राजनांदगांव आ गईं। हर साल नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जाकर बच्चों चयन करती हैं। हर साल जनवरी में बच्चों की तलाश शुरू करती हैं और यह प्रक्रिया अप्रैल तक चलती है। चयनित बच्चों के पास एक साल का समय होता है, जो बच्चे अच्छा प्रदर्शन करते हैं उनको आगे भी कैम्प में रखा जाता है।
कई खिलाड़ियो को मिल चुकी है नौकरी
राधा से ट्रेनिंग ले चुकी कई खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। पिछले दिनों आदिवासी क्षेत्र पत्थलगांव की बास्केटबॉल खिलाडी शांति खाखा, सरगुजा की शबनम एक्का का चयन खेल कोटे से दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे बिलासपुर में नौकरी मिली है।
राधा हो चुकी हैं सम्मानित
32 साल की राधा राव अपने खेल और कोचिंग को लेकर सम्मानित हो चुकी हैं। उनको छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट खिलाडी पुरस्कार के अलावा एनएसएनआईएस बेंगलुरु से बास्केटबॉल खेल में डिप्लोमा कोर्स एवं फीबा डब्ल्यूएबीसी का लेवल वन कोर्स कम्प्लीट किया है। वे यह उपलब्धियों हासिल करने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला खिलाड़ी हैं।
