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Asian Games 2026: टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स इवेंट में दीया-मानुष की जोड़ी ने जीता कांसा

दीया चिताले और मानुष शाह की जोड़ी ने एशियाई खेलों में टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स इवेंट के कांस्य पदक जीत लिया है। सेमीफाइनल मुकाबले में चीन की जोड़ी के खिलाफ करारी हार के बाद भारतीय जोड़ी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

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दीया चिताले और मानुष शाह (फोटो क्रेडिट Kiren Rijiju X)

नई दिल्ली: विश्व रैंकिंग में आठवें नंबर पर काबिज जोड़ी दीया चिताले और मानुष शाह को हाल के खराब प्रदर्शन के कारण एशियाई खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता में पदक का दावेदार नहीं माना जा रहा था लेकिन उन्होंने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक पक्का करके अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया। यही नहीं एशियाई खेलों से पहले उन्हें भावनात्मक चोट भी पहुंची क्योंकि दीया की निजी कोच पीटर एंगेल का जर्मनी में असमय निधन हो गया। तब यह खिलाड़ी एशियाई खेलों के लिए नागोया पहुंची थीं। इस कांस्य पदक से साथ 20वें एशियाई खेलों में भारत के पदकों की संख्या 20 तक पहुंच गई है।

2015 से एंगेल से प्रशिक्षण ले रही थीं दीया

पूर्व भारतीय कोच रह चुकीं एंगेल ने 2015 में दीया को अपने संरक्षण में लिया और जर्मनी में कोचिंग देते हुए उनके खेल में काफी सुधार किया। दीया के पिता पराग चिताले का कहना है कि भारतीय मिश्रित युगल जोड़ी का यह प्रतिष्ठित पदक एंगेल को सच्ची श्रद्धांजलि है जो टेबल टेनिस की दुनिया में काफी लोकप्रिय थी। पेशे से शिक्षक पराग ने कहा,'हम उसे पीटर की मौत के बारे में नहीं बता सके, यह घटना 10 दिन पहले हुई थी। जापान पहुंचने के बाद ही उसे टीम से पता चला। वह पीटर के बहुत करीब थी। पीटर के निधन और उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए मुझे बहुत गर्व है कि उसने और मानुष ने पदक पक्का कर लिया।'

साल के शुरू में दो डब्ल्यूटीटी खिताब जीते

जहां मानुष और दीया ने साल के शुरू में दो डब्ल्यूटीटी खिताब जीते, वहीं जून के बाद से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। ऐसे में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया की मौजूदगी के बावजूद पदक हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। जापान में पदक की सबसे बड़ी उम्मीद विश्व की नंबर तीन पुरुष युगल जोड़ी मानुष और मानव ठक्कर से थी, लेकिन कठिन ड्रॉ के कारण वे केवल दूसरे दौर तक ही पहुंच सके।

दोनों के बीच है शानदार तालमेल

मानुष और दीया की जोड़ी बाएं हाथ से दाएं हाथ से खेलने में माहिर है। बाएं हाथ से खेलने वाले मानुष दोनों तरफ से अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हैं और दीया का मुख्य काम अपने साथी के लिए विजयी शॉट बनाने में मदद करना है। मानुष ने क्रिकेट के जरिए खेल जगत में कदम रखा, लेकिन नौ साल की उम्र में लगी चोट ने उन्हें रैकेट वाले खेल की ओर मोड़ दिया। उनके पिता उत्पल शाह स्वयं टेबल टेनिस खेलते थे, इसलिए इस खेल में में उनका प्रवेश काफी सहज रहा। उत्पल शाह ने कहा,'शुरुआत में वह क्रिकेट खेलता था, लेकिन चोट के बाद मुझे टेबल टेनिस खेलते देखकर उसने टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया। हमें बेहद गर्व है कि मानुष और दीया ने देश के लिए पदक जीता है।'

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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