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भारत का नया टेनिस स्टारः 18 साल के अर्नव पापरकर ने विंबलडन चैंपियनशिप में किया कमाल, पेस के रिकॉर्ड की बराबरी

Arnav Paparkar Creates History: अर्नव पापरकर ने इतिहास रच दिया और 36 साल में विंबलडन बॉयज़ क्वार्टर फ़ाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। 18 साल के अर्नव ने जापान के र्यो तबाता को 6-2, 6-1 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की।

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अर्नव पापरकर (Instagram/ArnavPaparkar)

Wimbledon 2026: भारत के अर्नव पापरकर ने इतिहास रच दिया और 36 साल में विंबलडन बॉयज़ क्वार्टर फ़ाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। 18 साल के अर्नव ने जापान के र्यो तबाता को 6-2, 6-1 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की। जूनियर विंबलडन क्वार्टर फ़ाइनल में पहुंचने वाले आखिरी भारतीय लिएंडर पेस थे, जो 1990 में वहाँ पहुंचे थे। पेस से पहले, रमेश कृष्णन और रामनाथन कृष्णन भी जूनियर विंबलडन क्वार्टर फ़ाइनल में पहुंचे थे। 2009 के US ओपन में युकी भांबरी के बाद, वह जूनियर ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फ़ाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय भी हैं।

विंबलडन में पापरकर के शानदार सफ़र में उन्होंने अमेरिका के वर्ल्ड नंबर 3 कीटन हैंस को सीधे सेटों में हराकर सबको चौंका दिया। सालों में टेनिस का खेल बदला है और 'सर्व' बेहतरीन टेनिस खिलाड़ियों के लिए एक अहम हथियार बन गया है। छह फ़ीट से ज़्यादा लंबे पापरकर की सर्व बहुत ज़बरदस्त है और इससे उन्हें दूसरे खिलाड़ियों के मुकाबले काफी फायदा मिला है। हैंस के खिलाफ उनके खेल में यह साफ दिखा, जहां उन्होंने सर्विंग का शानदार प्रदर्शन किया और छह 'एस' (aces) लगाए। कुल मिलाकर, उन्होंने अपनी सर्व पर सिर्फ 16 पॉइंट गंवाए और सभी 'ब्रेक पॉइंट' बचाए, जो एक चैंपियन खिलाड़ी की पहचान है। सेमीफाइनल में अर्नव का मुक़ाबला ऑस्ट्रेलिया के जॉर्डन ली से होगा।

कौन हैं भारतीय टेनिस खिलाड़ी अर्नव पापरकर?

युवा अर्नव पापरकर कोच प्रोसोनजीत पॉल की देखरेख में हेमंत बेंद्रे टेनिस अकादमी में ट्रेनिंग लेते हैं। उन्हें महाराष्ट्र स्टेट लॉन टेनिस एसोसिएशन (MSLTA) और महाटेनिस फाउंडेशन का सहयोग मिलता है और वे "मिशन लक्ष्यवेध" पहल के तहत सरकारी मदद भी पाते हैं। पापरकर को आर्यन पंप्स से लंबे समय के लिए कॉर्पोरेट स्पॉन्सरशिप भी मिली हुई है। पापरकर अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं, जिन्होंने उन्हें एक पेशेवर खिलाड़ी बनाने में अहम भूमिका निभाई। खेल के प्रति उनका लगाव देखकर, उनके माता-पिता ने स्पेन में उनके इंटरनेशनल टूर्नामेंट और ट्रेनिंग के लिए आर्थिक सहायता भी की।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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