भारतीय सेना के तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने रविवार को तीरंदाजी विश्व कप में यादगार 'स्वर्णिम डबल' पूरा किया। धीरज ने पहले कुमकुम मोहोद के साथ रिकर्व मिश्रित टीम का खिताब जीता, फिर कुछ घंटों बाद पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता दक्षिण कोरिया के ली वू सियोक को रोमांचक फाइनल में 7-3 से हराकर अपना पहला व्यक्तिगत विश्व कप स्वर्ण पदक जीता। दुनिया में 18वें नंबर के धीरज ने बेहतर रैंकिंग वाले कोरियाई खिलाड़ी के खिलाफ जबरदस्त संयम दिखाया।
शुरुआती दो सेट जीतकर बनाई बढ़त
धीरज ने शुरुआती दो सेट 30-29 और 29-28 से जीतकर 5-1 की मजबूत बढ़त बना ली। तीसरा सेट 27-27 से बराबर रहा। चौथे सेट में ली ने वापसी की। उन्होंने दो बार 10 और एक बार 9 का स्कोर करके सेट 29-27 से जीता, जिससे अंतर 5-3 का हो गया। लेकिन 5-3 की बढ़त के साथ उतरे धीरज ने फाइनल सेट में कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने लगातार तीन बार 10 का स्कोर किया, जिसमें एक 'एक्स' भी शामिल था, और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
सेमीफाइनल में जर्मन तीरंदाज के खिलाफ की थी जबरदस्त वापसी
फाइनल से पहले धीरज ने जर्मनी के मोरित्ज वीजर को कड़े सेमीफाइनल में 6-4 से हराया था। धीरज पहला सेट 26-27 से हार गए थे। अगले दो सेट 28-28 से बराबर रहे, जिससे वो 2-4 से पिछड़ गए। बाहर होने के कगार पर खड़े धीरज ने चौथे सेट में तीन बार 10 का स्कोर करके 30-27 से जीत दर्ज की और 4-4 की बराबरी कर ली। फैसले वाले सेट में दबाव में वीजर का दूसरा तीर भटककर पांच पर लगा। धीरज ने संयम बनाए रखा और 9, 10, 9 का स्कोर करके सेट 28-23 से जीत लिया। इसी के साथ वो अपने पहले विश्व कप फाइनल में पहुंचे थे।
कुमकुम के साथ भी जीता गोल्ड
व्यक्तिगत गोल्ड से कुछ घंटे पहले ही धीरज ने कुमकुम मोहोद के साथ रिकर्व मिश्रित टीम का स्वर्ण पदक जीता था। एक ही दिन में दो गोल्ड जीतकर 22 साल के इस आर्मी जवान ने अपने करियर का सबसे अहम दिन यादगार बना दिया। ओलंपिक मेडलिस्ट को हराकर धीरज ने बता दिया कि वो बड़े मंच के खिलाड़ी हैं।
