अध्यात्म

Yam Deepak 2024 Time And Puja Vidhi: आज यम दीपक जलाने का समय क्या रहेगा, दीप दान करते समय जरूर बोले ये मंत्र

Yama Deepam 2024 Date, Time, Vidhi, Mantra And Mahatva: बुरी और असुरी शक्तियों से हमारे जीवन को हानि न पहुंचे इस नाते लोग धनतेरस की रात को यम दीपम जलाते हैं। चलिए जानते है इस साल यम दीपम जलाने का मुहूर्त क्या रहेगा और इसका महत्व क्या है।

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Yama Deepam 2024 Date And Time

Yama Deepam 2024 Date, Time, Vidhi, Mantra And Mahatva: अपने परिवार को अकाल मृत्यु के साये से बचाने के लिए लोग छोटी दिवाली की रात यानी नरक चतुर्दशी पर यम दीपम जलाते हैं। पूरे वर्ष में एक मात्र यही ऐसा दिन होता है, जब मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है। चलिए जानते हैं इस साल यम दीपम जलाने का मुहूर्त क्या रहेगा।

यम दीपक कब जलाया जाता है (Yam Deepak Kab Jalaya Jata Hai)

यम दीपक नरक चतुर्दशी की रात में शाम के समय जलाया जाता है। इस साल यम दीपक 30 अक्टूबर 2024 को जलाया जाएगा।

यम दीपक जलाने का समय 2024 (Yam Deepak Jalane Ka Time 2024)

नरक चतुर्दशी पर यानी 30 अक्टूबर 2024 को यम दीपक जलाने का समय शाम 5 बजकर 30 मिनट से शाम 7 बजकर 2 मिनट तक रहेगा।

यम दीपक जलाने की विधि (Yam Deepak Jalane Ki Vidhi)

यम का दीपक जलाने के लिए मिट्टी का एक बड़ा और चौमुखा दीपक लें। इसमें चार बत्तियां लगा लें और सरसों का तेल भर दें। फिर शाम को प्रदोष काल में दक्षिण दिशा की तरफ ये दीपक जलाएं।

यम दीपम जलाने की दिशा (Yama Deepam Jalane Ki Disha)

यम दीपम दक्षिण दिशा में जलाना चाहिए क्योंकि ये यमराज की दिशा मानी जाती है। कहते हैं इस दिशा में यम के नाम का दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का डर नहीं रहता।

यम दीपक जलाने का मंत्र (Yam Deepak Jalane Ka Mantra)

यम दीप जलाते समय यह मंत्र बोलें...

मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह |

त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम ||

यम दीपम क्यों जलाते हैं (Yama Deepam Kyu Jalate Hai)

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यमराज को मृत्यु का देवता माना जाता है। कहते हैं धनतेरस के दिन यम-दीपदान करने से मनुष्य के जीवन से अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। पद्मपुराण के अनुसार भी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को घर से बाहर यमराज के लिए दीपक जला देना चाहिए इससे दूर मृत्यु का नाश होता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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