धनतेरस पूजा का समय क्या रहेगा, जानिए धनतेरस पर झाड़ू की पूजा कैसे करें
धनतेरस का त्योहार भगवान धन्वंतरि के अवतरण की खुशी में मनाया जाता है। कहते हैं कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के जनक धन्वंतरि जी का जन्म हुआ था। इसलिए इस तिथि को हर साल धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। जानिए धनतेरस पर्व क्यों मनाया जाता है, इस दिन क्या करते हैं, पूजा और खरीदारी का मुहूर्त क्या रहेगा, यहां जानिए सबकुछ।
धनतेरस पूजा का समय क्या रहेगा, जानिए धनतेरस पर झाड़ू की पूजा कैसे करें
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धनतेरस पूजा मुहूर्त 2024 (Dhanteras Puja Muhurat 2024)
धनतेरस का त्योहार 29 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 06:31 से रात 08:13 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल मुहूर्त 05:38 से 08:13 तक तो वृषभ काल मुहूर्त 06:31 से 08:27 तक रहेगा। त्रयोदशी तिथि का प्रारम्भ 29 अक्टूबर 2024 को 10:31 AM पर होगा। वहीं त्रयोदशी तिथि की समाप्ति 30 अक्टूबर 2024 को 01:15 PM पर होगी।
Yam Deepak Jalane Ki Vidhi
धनतेरस पर कितने दीपक जलाने चाहिए (Dhanteras Par Kitne Deepak Jalane Chahiye)
धनतेरस पर 13 दीपक जलाने चाहिए। जानिए घर में कहां-कहां रखें ये दीपक...
पहला दीया – घर में पहला दीया दक्षिण कोने में जलाएं जो कि यमराज की दिशा होती है।
दूसरा दीया – घी का दीया जलाकर पूजा घर में ईशान दिशा की ओर देवताओं के सामने रखें, जिसमें आप एक केसर का धागा भी डाल सकते हैं।
तीसरा दीया – अपने परिवार को बुरी नज़र से बचाने के लिए घर के मुख्य द्वार पर दीया जरूर रखें।
चौथा दीया – घर में चौथा दीया तुलसी जी के पास जलाएं
पांचवा दीया – घर की छत को साफ-सुथरा कर वहां पर पांचवा दीया रखने से घर सुरक्षित रहता है।
छठा दीया – सरसों के तेल में जलाये हुए दीये को पीपल के पेड़ के नीचे रखें।
सातवां दीया – धनतेरस के दिन सातवां दीया पड़ोस के किसी भी मंदिर में जला दें।
आठवां दीया – घर में आठवां दीया कूड़े के पास जलाना चाहिए।
नौवां दीया – घर के वॉशरूम के बाहर में दीप जलाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
दसवां दीया – धनतेरस के दिन दसवां दीया खिड़कियों पर जलाएं।
ग्यारवां दीया – दीये को घर की रसोई में रखने से अन्न और भुखमरी की समस्या नही होती है।
बारहवां दीया – धनतेरस की रात को बेल के वृक्ष के नीचे दीप रखने से घर की संपत्ति में वृद्धि होती हैं।
तेरहवां दीया – अंतिम दीये को अपने घर की तरफ आने वाले चौराहे पर जलाएं।
धनतेरस पर यम दीपक जलाने का समय 2024 (Dhanteras Par Yam Deepak Jalane Ka Time)
धनतेरस पर यम दीपम शुभ मुहूर्त शाम 05:38 से 06:55 बजे तक रहेगा। त्रयोदशी तिथि का प्रारम्भ 29 अक्टूबर 2024 को 10:31 AM पर होगा। त्रयोदशी तिथि की समाप्ति 30 अक्टूबर 2024 को 01:15 PM पर होगी।
Happy Dhanteras 2024 Wishes And Quotes In Hindi
धनतेरस खरीदारी मुहूर्त 2024 (Dhanteras Kharidari Muhurat 2024)
धनतेरस खरीदारी का शुभ मुहूर्त 29 अक्टूबर की सुबह 10:31 से 30 अक्टूबर की सुबह 06:32 बजे तक रहेगा। ये समय हर तरह के सामान की खरीदारी के लिए अनुकूल है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त 29 अक्टूबर को 11:52 AM से 12:27 तक रहेगा।
Dhanteras Puja Muhurat 2024: Check Kuber Puja Timings, Mantra, Chalisa, Aarti Lyrics PDF in Hindi
धनतेरस चौघड़िया मुहूर्त 2024 (Dhanteras Choghadiya Muhurat 2024)
प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - 10:31 AM से 01:28 PM
अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - 02:51 PM से 04:15 PM
सायाह्न मुहूर्त (लाभ) - 07:15 PM से 08:51 PM
रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) - 10:28 PM से 03:18 AM, अक्टूबर 30
Dhanteras Wishes In Hindi
धनतेरस सोने की खरीदारी का मुहूर्त 2024 (Dhanteras Gold Purchasing Muhurat 2024)
धनतेरस के दिन सोने की खरीदारी का शुभ मुहूर्त 29 अक्टूबर 2024 की सुबह 10:31 से अगले दिन की सुबह 6:31 बजे तक रहेगा। तो वहीं धनतेरस पर खरीदारी का प्रदोष काल मुहूर्त शाम 5:38 से 6:55 तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त शाम 6:31 से रात 8:13 तक रहेगा।
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धनतेरस पर वाहन खरीदारी का मुहूर्त 2024 (Dhanteras 2024 Vehicle Buying Muhurat)
गणेश जी की आरती
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत,
चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे,
मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
पान चढ़े फल चढ़े,
और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे,
संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत,
निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
'सूर' श्याम शरण आए,
सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
----- Additional -----
दीनन की लाज रखो,
शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो,
जाऊं बलिहारी ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
धनतेरस पर झाड़ू क्यों खरीदते हैं
धनतेरस आरती
जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।जय धन्वं.।।
तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए।
देवासुर के संकट आकर दूर किए।।जय धन्वं.।।
आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया।
सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया।।जय धन्वं.।।
भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी।
आयुर्वेद वनस्पति से शोभा भारी।।जय धन्वं.।।
तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे।
असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे।।जय धन्वं.।।
हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा।
वैद्य-समाज तुम्हारे चरणों का घेरा।।जय धन्वं.।।
धन्वंतरिजी की आरती जो कोई नर गावे।
रोग-शोक न आए, सुख-समृद्धि पावे।।जय धन्वं.।।
धनतेरस के दिन झाड़ू की पूजा कैसे करें
धनतेरस के उपाय
अगर आप वास्तु दोष से परेशान हैं, तो इससे निजात पाने के लिए आज धनतेरस के दिन पानी में नमक डालकर घर में पोछा लगाएं। इस उपाय को करने से वास्तु दोष दूर होता है।
अगर आप सुखों में वृद्धि पाना चाहते हैं, तो आज संध्याकाल (मुहूर्त के अनुसार) में नमक की खरीदारी करें। इस उपाय को करने से शुक्र देव प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा साधक पर बरसती है। हालांकि, सामान्य दिनों में शाम के समय नमक की खरीदारी न करें।
अगर आप नकारात्मक शक्तियों से निजात पाना चाहते हैं, तो आज पूजा के समय भंडार कोण में एक जल से भरे कटोरी में एक चुटकी नमक रख दें। अगली सुबह नमक मिश्रित पानी का छिड़काव घर के मुख्य दरवाजे पर करें। इस उपाय को करने से नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
धनतेरस पर भूलकर भी किसी से नमक का लेनदेन न करें। वास्तु जानकारों की मानें तो धनतेरस के दिन नमक के लेनदेन करने से धन की देवी मां लक्ष्मी अप्रसन्न हो जाती हैं। इससे घर की बरकत गायब हो जाती है।
धनतेरस पूजा विधि hindi
कुबेर जी की आरती
स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे ।
शरण पड़े भगतों के,
भण्डार कुबेर भरे ।
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,
स्वामी भक्त कुबेर बड़े ।
दैत्य दानव मानव से,
कई-कई युद्ध लड़े ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
स्वर्ण सिंहासन बैठे,
सिर पर छत्र फिरे,
स्वामी सिर पर छत्र फिरे ।
योगिनी मंगल गावैं,
सब जय जय कार करैं ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
गदा त्रिशूल हाथ में,
शस्त्र बहुत धरे,
स्वामी शस्त्र बहुत धरे ।
दुख भय संकट मोचन,
धनुष टंकार करें ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
भांति भांति के व्यंजन बहुत बने,
स्वामी व्यंजन बहुत बने ।
मोहन भोग लगावैं,
साथ में उड़द चने ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
बल बुद्धि विद्या दाता,
हम तेरी शरण पड़े,
स्वामी हम तेरी शरण पड़े ।
अपने भक्त जनों के,
सारे काम संवारे ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
मुकुट मणी की शोभा,
मोतियन हार गले,
स्वामी मोतियन हार गले ।
अगर कपूर की बाती,
घी की जोत जले ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
यक्ष कुबेर जी की आरती,
जो कोई नर गावे,
स्वामी जो कोई नर गावे ।
कहत प्रेमपाल स्वामी,
मनवांछित फल पावे ॥
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे...॥
श्री कुबेर जी दूसरी प्रसिद्ध आरती जय कुबेर स्वामी | लक्ष्मी माता की आरती
धनतेरस कथा: Dhanteras Katha
धनतेरस पर दिया जलाने की विधि
यम दीपम जलाने की दिशा (Yama Deepam Jalane Ki Disha)
Dhanteras Par Kitne Deepak Jalaye: धनतेरस पर कितने दीपक जलाएं
धनतेरस पर झाड़ू क्यों खरीदते हैं
धनतेरस के दिन कितने दिए जलाने चाहिए
धनतेरस पूजा विधि: Dhanteras Puja Vidhi
Dhanvantri Stotra Lyrics (धन्वंतरी स्तोत्र लिरिक्स)
कालाम्भोदोज्ज्वलांगं कटितटविलसच्चारूपीतांबराढ्यम।
वन्दे धन्वंतरिं तं निखिलगदवनप्रौढदावाग्निलीलम॥
ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:
अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय
त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप
श्री धनवंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥
धनतेरस पर सोना खरीदने का मुहूर्त 2024 : Dhanteras Par Sona Kharidne Ka Muhurat 2024
तीसरा मुहूर्त - 07:15 PM से 08:51 PM
चौथा मुहूर्त - 10:28 PM से 3:18 AM, 30 अक्टूबर
Muhurat of dhanteras puja 2024: धनतेरस पूजा का मुहूर्त 2024
धन्वंतरि पूजा विधि : Dhanavantari Puja Vidhi In Hindi
फिर उस पर धन्वंतरि जी की मूर्ति या चित्र रखें। साथ में कुबेर देवता और माता लक्ष्मी की भी फोटो रखें।
मंदिर में जो दीया जलाकर रखेंगे उसके नीचे थोड़ा सा चावल या नया धान रखें।
फिर तांबे के जल में कलश भरकर रखें और जल से सभी देवी और देवताओं को आचमन करवाएं।
सभी स्थापित देवी देवता की प्रतिमा को रोली कुमकुम, फूल, दूर्वा, पान, फूल, हल्दी, पीला चावल, श्री फल और नैवेद्य अर्पित करें।
इसके बाद भगवान धन्वंतरि से रोगों के नाश और आरोग्यता के लिए प्रार्थना करें।
माता लक्ष्मी और कुबेर देवता से धन-धान्य की प्रार्थना करें।
भगवान धन्वंतरि की पूजा के दौरान 'ॐ नमो भगवते धन्वंतराय विष्णुरूपाय नमो नमः' का जाप करते रहें।
अंत में आरती करके प्रसाद सभी में बांट दें।
धनतेरस पर सामान खरीदने का शुभ मुहूर्त
शाम 05:36 बजे से शाम 07:14 बजे तक.
07:14 से 08:51 बजे तक.
Vehicle Purchase Muhurat On Dhanteras 2024 (धनतेरस पर वाहन खरीदने का मुहूर्त 2024)
10:41 AM से 12:05 PM
12:05 PM से 01:28 PM
07:15 PM से 08:51 PM
