अध्यात्म

क्या होता है मंगल दोष जिसका राजा रघुवंशी मर्डर केस में आया है नाम, कैसे जुड़ा है ये सोनम की कुंडली से

राजा रघुवंशी के हत्याकांड में बार-बार मांगलिक दोष का जिक्र भी आ रहा है। कुछ खबरों में बताया जा रहा था कि कहीं राजा की बलि सोनम की कुंडली का मंगल दोष दूर करने के लिए तो नहीं की। वैसे कुंडली में मंगल दोष सही नहीं माना जाता है। खासतौर पर शादी को लेकर तो ये दोष बहुत ही परेशान करता है। जानें इसके बारे में।

Image

Mangal Grah Dosh Impact on marriage

मंगल दोष (Mangal Dosh): इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या ने पूरे देश को दहला कर रख दिया है। कोई सोच भी नहीं पा रहा है कि नई ब्याहता स्त्री इस तरह अपनी मांग का सिंदूर खुद ही उजाड़ सकती है। वैसे इस हत्याकांड में सोनम की कुंडली में मंगल दोष का जिक्र भी आ रहा है। कई खबरों में इस बात को दिखाया गया है। यहां जानें मंगल दोष क्या होता है, मंगल दोष कैसे विवाह पर प्रभाव डालता है और मंगल दोष को दूर करने के उपाय क्या हैं।

क्या होता है कुंडली में मंगल दोष

मांगलिक दोष वैदिक ज्योतिष में एक ऐसा ग्रह दोष है जो विवाह पर विशेष प्रभाव डालता है। यह तब बनता है जब मंगल ग्रह व्यक्ति की कुंडली में 1, 4, 7, 8, या 12वें भाव में स्थित होता है।

मंगल दोष से शादी पर प्रभाव

  1. मांगलिक व्यक्ति को विवाह में देर हो सकती है, क्योंकि उसके लिए उपयुक्त साथी खोजना कठिन होता है।
  2. मंगल ग्रह ऊर्जा और क्रोध का प्रतीक है। इसलिए मांगलिक व्यक्ति के विवाह में झगड़े, असहमति और भावनात्मक उतार-चढ़ाव हो सकते हैं।
  3. ज्योतिष में मान्यता है कि यदि मांगलिक व्यक्ति की शादी गैर-मांगलिक से हो, तो उसके जीवनसाथी की सेहत या जीवन पर संकट आ सकता है।
  4. तलाक या अलगाव का खतरा भी होता है। अगर कुंडली में अन्य दोष भी हों, तो शादी टूटने की संभावना बढ़ सकती है।
  5. 4वें और 8वें भाव में मंगल होने से पति-पत्नी में या उनके परिवारों में आपसी मतभेद हो सकते हैं।

मंगल दोष दूर करने के क्या हैं उपाय

  • इस दोष को दूर करेन का सबसे सरल उपाय यह है कि मांगलिक व्यक्ति की शादी दूसरे मांगलिक से की जाए। इससे दोष का प्रभाव निष्क्रिय हो जाता है।
  • कुछ परंपराओं में मांगलिक कन्या पहले प्रतीकात्मक रूप से पेड़ या मूर्ति से विवाह करती है, फिर असली विवाह होता है।
  • हर मंगलवार व्रत और हनुमान चालीसा का पाठ करने से मंगल दोष के प्रभाव कम हो सकते हैं।
  • मंगल ग्रह की शांति के लिए पूजा की जाती है। इसमें मंगल शांति यज्ञ, महामृत्युंजय जाप, या नवग्रह शांति पूजा लाभकारी होती है।

मूल्यांकन किसी योग्य ज्योतिषी से कराएं

वैसे कुंडली में कई बार आंशिक मंगल दोष होता है, जो विवाह को प्रभावित नहीं करता है। इसलिए कुंडली का विश्लेषण किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य से करवाना जरूरी है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

और पढ़ें
End of Article