अध्यात्म

क्या है असोज अमावस्या जिसने बदल डाली हरियाणा चुनाव की तारीख, बिश्नोई समाज के लिए क्यों खास है Asoj Amavasya

Asoj Amavasya 2024: चुनाव आयोग ने हरियाणा विधानसभा की 90 सीटों के लिए मतदान की तारीख 1 अक्टूबर से बदलकर 5 अक्टूबर कर दी है। चुनाव के नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। यह फैसला बिश्नोई समाज के खास पर्व असोज अमावस्या को देखते हुए लिया गया है।

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What is Asoj Amavasya 2024

What is Asoj Amavasya 2024: केंद्रीय चुनाव आयोग ने अक्टूबर माह में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीख बदल दी है। अब राज्य में वोटिंग 5 अक्टूबर को होगी। पहले मतदान के लिए 1 अक्टूबर की तारीख तय की थी। वोटिंग की तारीख बदलने के पीछे बिश्नोई समाज के खास पर्व असोज अमावस्या को बताया गया है। इस साल यह असोज अमावस्या 2 अक्टूबर को है औरहरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद व हिसार में रहने वाले हजारों बिश्नोई परिवार इस दिन राजस्थान की जाते हैं। इस कारण वो वोट डालने में असमर्थ रहेंगे। इसी चीज को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने मतदान की तारीखों में बदलाव किया है।

क्या है असोज अमावस्या

असोज अमावस्या बिश्नोई समाज के सबसे प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार को बिश्नोई समाज के संस्थापक गुरु जम्बेश्वर जी की याद में मनाया जाता है। बिश्नोई समाज के आराध्य गुरु जम्बेश्वर ने राजस्थान के बीकानेर में मुकाम नाम के गांव में समाधि ली थी। समाधि स्थल को अब मुक्ति धाम कहा जाता है। बिश्नोई समाज यह मानता है कि असोज अमावस्या वाले दिन यहां निष्काम भाव से सेवा करने वालों को मोक्ष प्राप्त होता है। इसी कारण यहां साल में दो बार मेला लगता है। पहला फाल्गुन अमावस्या पर और दूसरा आसोज अमावस्या के दिन।

क्या है असोज अमावस्या का महत्व

राजस्थान के मुकाम में असोज अमावस्या का मेला पिछले करीब 500 सालों से लग रहा है। इस मेले की शुरुआत संत विल्होजी ने 1591 ई. में शुरू किया था। मेले में दूर दराज से बिश्नोई समाज के लोग आते हैं। गैर बिश्नोई भी बड़ी तादाद में इश मेले में शामिल होते हैं। लोग गुरु जम्बेश्वर की समाधि स्थल, जिसे अब मुक्ति धाम कहा जाता है, माथा टेकते हैं। पूरे निश्छल मन से लोग सेवार्थ कार्य करते हैं। असोज अमावस्या का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि बिश्नोई समाज के लिए यह पर्व मोक्ष के द्वार खोलता है। इस मेले की सारी व्यवस्था अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा और अखिल भारतीय गुरु जम्बेश्वर सेवक दल मिलकर संभालते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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