Vikata Sankashti Chaturthi 2024 Chandrodaya Time Today: आज विकट संकष्टी चतुर्थी है। हिंदू पंचांग अनुसार ये संकष्टी चतुर्थी तिथि 27 अप्रैल की सुबह 8 बजकर 17 मिनट से 28 अप्रैल की सुबह 8 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। इस दिन भगवान गणेश और चंद्र देव की पूजा की जाती है। आज चंद्रोदय समय रात 10 बजकर 23 मिनट का है। दक्षिण भारत में कई जगहों पर संकष्टी चतुर्थी को गणेश संकटहरा या संकटहरा चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। यहां जानिए विकट संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि और चंद्रोदय समय।
Vikata Sankashti Chaturthi 2024 Chandrodaya Time (विकट संकष्टी चतुर्थी 2024 चंद्रोदय समय)
विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रमा निकलने का समय रात 10 बजकर 23 मिनट का है। चंद्रोदय से पहले ही भगवान गणेश की विधि विधान पूजा करके संकष्टी चतुर्थी की कथा जरूर सुन लें।
Vikata Sankashti Chaturthi Puja Vidhi (विकट संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि)
- इस दिन सुबह-सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें।
- इसके बाद गणेश जी की विधि विधान पूजा करें और भगवान के मन्त्र का उच्चारण भी करें।
- फिर गणेश जी को मोदक, लड्डू और दूर्वा घास चढ़ाएं।
- अंत में भगवान की आरती उतारें।
- फिर शाम को चंद्रोदय के बाद पूजा करें।
- शाम की पूजा के समय गणेश जी की मूर्ति के साथ में दुर्गा जी की फोटो या मूर्ति भी जरूर रखें।
- मूर्ति के समक्ष दीप, अगरबत्ती लगाए। फिर प्रसाद में केला और नारियल रखें।
- साथ में तिल या गुड़ के मोदक भी प्रसाद के रूप में जरूर रखें।
- शाम में गणेश जी की कथा भी जरूर सुनें और अंत में आरती करें।
- इसके बाद चन्द्रमा की विधि विधान पूजा करें और उन्हें जल अर्पण कर फुल, चन्दन और चावल चढ़ाएं।
- पूजा के बाद सभी में प्रसाद बांट दें और गरीबों को दान भी करें।
Vikata Sankashti Chaturthi Vrat Benefits (विकट संकष्टी चतुर्थी व्रत के फायदे)
कहते हैं जो व्यक्ति विधि विधान संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखता है उसे भगवान गणेश की असीम कृा प्राप्त होती है। इसके अलावा गणपति बप्पा की पूजा करने से यश, धन, वैभव और अच्छे स्वास्थ्य की भी प्राप्ति होती है।
