Vijaya Ekadashi Vrat Paran Time Today (विजया एकादशी व्रत का पारण टाइम क्या है): फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत विजय, सफलता और बाधाओं से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है। साल 2026 में फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी को रखा गया है।वहीं, इस व्रत का पारण अगले दिन किया जाएगा। मान्यता है व्रत का पारण सही विधि से न करने पर व्रत का फल प्राप्त नहीं होता है।
विजया एकादशी पारण समय 2026 (Vijaya Ekadashi Vrat Paran Time)
विजया एकादशी का पारण 14 फरवरी 2026 की सुबह 07:00 बजे से 09:14 बजे तक किया जाएगा।
पारण हमेशा द्वादशी तिथि में किया जाता है। द्वादशी तिथि 13 फरवरी को दोपहर 2 बजकर 26 मिनट से प्रारंभ होकर 14 फरवरी की शाम 4 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। इस कारण व्रत का पारण 14 फरवरी को प्रातः निर्धारित शुभ समय में करना श्रेष्ठ रहेगा।
क्यों जरूरी है पारण?
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण उसका पारण भी माना गया है। यदि व्रत रखने के बाद सही समय पर पारण न किया जाए तो व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता है। पारण का अर्थ नियमपूर्वक व्रत का समापन करना है। यह शरीर और मन दोनों को संतुलन प्रदान करता है और धार्मिक नियमों का पालन सुनिश्चित करता है।
विजया एकादशी व्रत का पारण कैसे करें (Vijaya Ekadashi Vrat Ka paran kaise karen)?
व्रत का पारण सरल लेकिन शुद्ध विधि से करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले प्रातः स्नान करके भगवान विष्णु का स्मरण करें। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें और भगवान विष्णु को पीले पुष्प, तुलसी दल और प्रसाद अर्पित करें। इसके बाद ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ मंत्र का जाप करें। पारण से पहले जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को भोजन, फल या दक्षिणा दान करना शुभ माना जाता है। इसके बाद स्वयं सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत का समापन करें। ध्यान रखें कि पारण सात्विक आहार से ही करें। पहले जल या फल लेकर व्रत खोलें, फिर हल्का भोजन करें। लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन से बचना चाहिए।
किन बातों का रखें ध्यान?
पारण निर्धारित समय के भीतर ही करें। द्वादशी तिथि समाप्त होने के बाद पारण करना उचित नहीं माना जाता है। यदि किसी कारणवश सुबह का समय छूट जाए तो द्वादशी तिथि रहते ही पारण अवश्य कर लें।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
