Iran Missile Attack US Forces Centcom: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष विराम की उम्मीदों को झटका देते हुए ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार को अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अचानक कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (Centcom) ने बयान जारी कर पुष्टि की है कि ईरान द्वारा किए गए इस 'सरप्राइज अटैक' की सभी बैलिस्टिक मिसाइलों को अमेरिकी वायु रक्षा प्रणालियों ने हवा में ही सफलता पूर्वक नष्ट कर दिया। इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की व्हाइट हाउस में हुई उच्च स्तरीय बैठक के तुरंत बाद तनाव अत्यधिक बढ़ गया है।
नेतन्याहू से मुलाकात के बाद भड़का विवाद
यह मिसाइल हमला इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच वाशिंगटन में हुई वार्ता के कुछ ही घंटों बाद हुआ, जिसमें दोनों नेताओं ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की थी।
मिसाइल हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर 'फिनिश दिस फाइट' (इस लड़ाई को खत्म करो) कैप्शन के साथ एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे आक्रामक तेवर में नजर आ रहे हैं। ट्रंप द्वारा हमले रोकने और बातचीत शुरू होने के दावे को खारिज करते हुए ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका के साथ वर्तमान में कोई वार्ता नहीं चल रही है। वहीं, एक वरिष्ठ इजराइली अधिकारी ने दावा किया कि नेतन्याहू का मानना है कि इजराइल के पास ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले शुरू करने के अलावा 'कोई विकल्प नहीं' बचा है।
सऊदी अरब ने इराक में ईरानी मिलिशिया पर किए भीषण हमले
ईरानी हमले और बढ़ते संकट के बीच सऊदी अरब ने अमेरिका के साथ मिलकर इराक में मौजूद ईरान समर्थित उग्रवादी ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए हैं। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इराक से उनके तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर भेजे गए कई ड्रोनों को मार गिराने के बाद यह सीमित व लक्षित सैन्य कार्रवाई की गई है। अमेरिकी सेंटकॉम और सऊदी वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में उग्रवादियों के रसद व हथियारों के कई ठिकानों को तबाह कर दिया है। बता दें कि युद्ध की शुरुआत के बाद से यह पहला मौका है जब रियाद ने इराक के भीतर सैन्य स्ट्राइक करने की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार की है।
