अध्यात्म

Video: बागेश्वर महाराज ने बताया कैसी होनी चाहिए उनकी जीवनसंगिनी, किसकी पसंद से करेंगे शादी

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 14, 2023, 11:15 AM IST

Bageshwar Dham Sarkar Dhirendra Shastri Speaks About His Marriage: पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने टाइम्स नाउ नवभारत चैनल को दिए इंटरव्यू में अपनी शादी को लेकर खुलकर बात की। जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें कैसी जीवनसंगिनी चाहिए।

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शादी के सवाल पर खुलकर बोले बागेश्वर बाबा, बताया जीवनसंगिनी में क्या होनी चाहिए खूबियां

Bageshwar Dham Sarkar Dhirendra Shastri Interview with Sushant Sinha: बागेश्वर वाले महाराज के नाम से प्रसिद्ध धीरेंद्र शास्त्री मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम सरकार के महाराजा हैं। ये अपने सरल, देसी और मजाकिया अंदाज के लिए जाने जाते हैं। बहुत कम समय में ही उन्होंने काफी लोकप्रियता हासिल कर ली हैं। लोगों के मुताबिक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम आने वाले भक्तों की समस्याएं बिना उनके कहे ही जान लेते हैं। जिस वजह से लोगों का इन पर विश्वास बढ़ता जा रहा है। बाबा बागेश्वर ने हाल ही में टाइम्स नाउ नवभारत चैनल को इंटरव्यू दिया जिसमें उन्होंने अपने जीवन के बारे में खुलकर बातचीत की।

टाइम्स नाउ नवभारत के पत्रकार सुशांत सिन्हा ने जब उनसें शादी का सवाल किया तो उन्होंने बताया कि वो अपने माता-पिता की पसंद से शादी करेंगे। क्योंकि मां की इच्छा के कारण ही वो गृहस्थ जीवन में जा रहे हैं। इसी इंटरव्यू में जब उनसें पूछा गया कि उन्हें कैसी जीवनसंगिनी चाहिए तो इस पर भी उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी पत्नी चाहिए जो भक्त हो और माता-पिता की सेवक हो।

जब बाबा बागेश्वर से पूछा गया कि शादी के बाद मां और पत्नी का बैलेंस बनाना भी बड़ा मुश्किल काम है तो इस पर बाबा ने कहा कि अगर संकल्प बहुत पवित्र हो और शर्त एक ही हो तो बैलेंस बनाने की क्या आवश्यकता है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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