Ahoi Ashtami (1 Nov 2026) Star Time Today in Uttar Pradesh (अहोई अष्टमी पर तारे कितने बजे निकलेंगे): आज 1 नवंबर 2026, रविवार को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। सुबह से व्रत रखने के बाद शाम को अहोई माता की पूजा और कथा की जाती है। इसके बाद आसमान में तारे दिखाई देने पर उन्हें अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की महिलाओं के मन में सवाल है कि आज उनके शहर में तारे कितने बजे दिखाई देंगे और चंद्रमा का उदय कब होगा?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज तारों के दर्शन शाम 5:48 बजे होने का अनुमान है। कानपुर में शाम 5:50 बजे, आगरा में करीब 5:53 से 5:59 बजे, वाराणसी में 5:41 बजे और प्रयागराज में 5:44 से 5:46 बजे के बीच तारे दिखाई दे सकते हैं। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, गोरखपुर, अयोध्या, बरेली और मथुरा समेत प्रदेश के दूसरे शहरों में भी तारा दर्शन का समय अलग रहेगा।
अहोई अष्टमी पर ज्यादातर महिलाएं तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। कुछ परिवारों में चंद्रमा को देखकर व्रत खोलने की परंपरा भी है। इस बार उत्तर प्रदेश में चंद्रमा देर रात करीब 11 बजे के बाद दिखाई देगा। ऐसे में तारों को अर्घ्य देने वाली महिलाओं के लिए शाम का समय महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में तारे कितने बजे दिखेंगे और चंद्रोदय का अनुमानित समय क्या रहेगा।
तारा देखकर खोला जाता है व्रत
अहोई अष्टमी पर तारों को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। इस दिन माताएं सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लेती हैं और संतान की खुशहाली के लिए दिनभर उपवास करती हैं। शाम को अहोई माता की पूजा और व्रत कथा सुनने के बाद तारों के निकलने का इंतजार किया जाता है।
तारों के दर्शन का समय हर शहर में अलग होता है। इसकी वजह अलग-अलग शहरों की लोकेशन और सूर्यास्त का समय है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में पूर्वी जिलों की तुलना में शाम का अंधेरा कुछ देर से होता है। इसी वजह से तारे दिखाई देने के समय में भी अंतर रहता है।
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में तारे और चंद्रमा कब दिखाई देंगे
उत्तर प्रदेश में 75 जिले हैं। सभी जिलों में सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय अलग-अलग होता है। नीचे जिला मुख्यालयों के लिए तारा दर्शन और चंद्रोदय का अनुमानित समय दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में अहोई अष्टमी 2026 पर तारा दर्शन और चंद्रोदय का समय
- आगरा: तारे शाम 5:59 बजे, चंद्रोदय रात 11:40 बजे।
- अलीगढ़: तारे शाम 5:58 बजे, चंद्रोदय रात 11:38 बजे।
- अंबेडकर नगर: तारे शाम 5:41 बजे, चंद्रोदय रात 11:22 बजे।
- अमेठी: तारे शाम 5:45 बजे, चंद्रोदय रात 11:26 बजे।
- अमरोहा: तारे शाम 5:55 बजे, चंद्रोदय रात 11:34 बजे।
- औरैया: तारे शाम 5:54 बजे, चंद्रोदय रात 11:35 बजे।
- अयोध्या: तारे शाम 5:42 बजे, चंद्रोदय रात 11:23 बजे।
- आजमगढ़: तारे शाम 5:39 बजे, चंद्रोदय रात 11:20 बजे।
- बागपत: तारे शाम 6:00 बजे, चंद्रोदय रात 11:39 बजे।
- बहराइच: तारे शाम 5:44 बजे, चंद्रोदय रात 11:24 बजे।
- बलिया: तारे शाम 5:36 बजे, चंद्रोदय रात 11:17 बजे।
- बलरामपुर: तारे शाम 5:42 बजे, चंद्रोदय रात 11:22 बजे।
- बांदा: तारे शाम 5:51 बजे, चंद्रोदय रात 11:33 बजे।
- बाराबंकी: तारे शाम 5:46 बजे, चंद्रोदय रात 11:27 बजे।
- बरेली: तारे शाम 5:52 बजे, चंद्रोदय रात 11:32 बजे।
- बस्ती: तारे शाम 5:40 बजे, चंद्रोदय रात 11:20 बजे।
- भदोही: तारे शाम 5:43 बजे, चंद्रोदय रात 11:24 बजे।
- बिजनौर: तारे शाम 5:56 बजे, चंद्रोदय रात 11:35 बजे।
- बदायूं: तारे शाम 5:53 बजे, चंद्रोदय रात 11:33 बजे।
- बुलंदशहर: तारे शाम 5:58 बजे, चंद्रोदय रात 11:38 बजे।
- चंदौली: तारे शाम 5:40 बजे, चंद्रोदय रात 11:21 बजे।
- चित्रकूट: तारे शाम 5:49 बजे, चंद्रोदय रात 11:31 बजे।
- देवरिया: तारे शाम 5:36 बजे, चंद्रोदय रात 11:17 बजे।
- एटा: तारे शाम 5:56 बजे, चंद्रोदय रात 11:36 बजे।
- इटावा: तारे शाम 5:55 बजे, चंद्रोदय रात 11:36 बजे।
- फर्रुखाबाद: तारे शाम 5:52 बजे, चंद्रोदय रात 11:33 बजे।
- फतेहपुर: तारे शाम 5:49 बजे, चंद्रोदय रात 11:30 बजे।
- फिरोजाबाद: तारे शाम 5:57 बजे, चंद्रोदय रात 11:38 बजे।
- गौतम बुद्ध नगर (नोएडा): तारे शाम 6:00 बजे, चंद्रोदय रात 11:40 बजे।
- गाजियाबाद: तारे शाम 5:59 बजे, चंद्रोदय रात 11:40 बजे।
- गाजीपुर: तारे शाम 5:38 बजे, चंद्रोदय रात 11:19 बजे।
- गोंडा: तारे शाम 5:43 बजे, चंद्रोदय रात 11:23 बजे।
- गोरखपुर: तारे शाम 5:38 बजे, चंद्रोदय रात 11:18 बजे।
- हमीरपुर: तारे शाम 5:52 बजे, चंद्रोदय रात 11:33 बजे।
- हापुड़: तारे शाम 5:58 बजे, चंद्रोदय रात 11:37 बजे।
- हरदोई: तारे शाम 5:50 बजे, चंद्रोदय रात 11:30 बजे।
- हाथरस: तारे शाम 5:58 बजे, चंद्रोदय रात 11:39 बजे।
- जालौन: तारे शाम 5:54 बजे, चंद्रोदय रात 11:36 बजे।
- जौनपुर: तारे शाम 5:42 बजे, चंद्रोदय रात 11:23 बजे।
- झांसी: तारे शाम 5:58 बजे, चंद्रोदय रात 11:40 बजे।
- कन्नौज: तारे शाम 5:51 बजे, चंद्रोदय रात 11:32 बजे।
- कानपुर देहात: तारे शाम 5:52 बजे, चंद्रोदय रात 11:33 बजे।
- कानपुर नगर: तारे शाम 5:50 बजे, चंद्रोदय रात 11:31 बजे।
- कासगंज: तारे शाम 5:56 बजे, चंद्रोदय रात 11:36 बजे।
- कौशांबी: तारे शाम 5:47 बजे, चंद्रोदय रात 11:29 बजे।
- कुशीनगर: तारे शाम 5:35 बजे, चंद्रोदय रात 11:15 बजे।
- लखीमपुर खीरी: तारे शाम 5:47 बजे, चंद्रोदय रात 11:26 बजे।
- ललितपुर: तारे शाम 6:00 बजे, चंद्रोदय रात 11:43 बजे।
- लखनऊ: तारे शाम 5:48 बजे, चंद्रोदय रात 11:28 बजे।
- महाराजगंज: तारे शाम 5:37 बजे, चंद्रोदय रात 11:16 बजे।
- महोबा: तारे शाम 5:53 बजे, चंद्रोदय रात 11:35 बजे।
- मैनपुरी: तारे शाम 5:55 बजे, चंद्रोदय रात 11:35 बजे।
- मथुरा: तारे शाम 6:00 बजे, चंद्रोदय रात 11:40 बजे।
- मऊ: तारे शाम 5:38 बजे, चंद्रोदय रात 11:19 बजे।
- मेरठ: तारे शाम 5:58 बजे, चंद्रोदय रात 11:38 बजे।
- मिर्जापुर: तारे शाम 5:43 बजे, चंद्रोदय रात 11:24 बजे।
- मुरादाबाद: तारे शाम 5:54 बजे, चंद्रोदय रात 11:33 बजे।
- मुजफ्फरनगर: तारे शाम 5:58 बजे, चंद्रोदय रात 11:36 बजे।
- पीलीभीत: तारे शाम 5:50 बजे, चंद्रोदय रात 11:29 बजे।
- प्रतापगढ़: तारे शाम 5:44 बजे, चंद्रोदय रात 11:25 बजे।
- प्रयागराज: तारे शाम 5:45 बजे, चंद्रोदय रात 11:27 बजे।
- रायबरेली: तारे शाम 5:47 बजे, चंद्रोदय रात 11:28 बजे।
- रामपुर: तारे शाम 5:53 बजे, चंद्रोदय रात 11:32 बजे।
- सहारनपुर: तारे शाम 5:58 बजे, चंद्रोदय रात 11:36 बजे।
- संभल: तारे शाम 5:55 बजे, चंद्रोदय रात 11:34 बजे।
- संत कबीर नगर: तारे शाम 5:39 बजे, चंद्रोदय रात 11:19 बजे।
- शाहजहांपुर: तारे शाम 5:50 बजे, चंद्रोदय रात 11:30 बजे।
- शामली: तारे शाम 5:59 बजे, चंद्रोदय रात 11:38 बजे।
- श्रावस्ती: तारे शाम 5:43 बजे, चंद्रोदय रात 11:22 बजे।
- सिद्धार्थनगर: तारे शाम 5:38 बजे, चंद्रोदय रात 11:18 बजे।
- सीतापुर: तारे शाम 5:48 बजे, चंद्रोदय रात 11:28 बजे।
- सोनभद्र: तारे शाम 5:41 बजे, चंद्रोदय रात 11:23 बजे।
- सुल्तानपुर: तारे शाम 5:44 बजे, चंद्रोदय रात 11:24 बजे।
- उन्नाव: तारे शाम 5:50 बजे, चंद्रोदय रात 11:30 बजे।
- वाराणसी: तारे शाम 5:41 बजे, चंद्रोदय रात 11:22 बजे।
लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी और प्रयागराज में तारे कितने बजे दिखेंगे
उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों में अहोई अष्टमी पर तारा दर्शन का समय अलग-अलग है।
- लखनऊ: शाम 5:47 से 5:48 बजे के आसपास।
- कानपुर: शाम 5:50 बजे।
- आगरा: शाम 5:53 से 5:59 बजे के बीच।
- वाराणसी: शाम 5:41 बजे।
- प्रयागराज: शाम 5:44 से 5:46 बजे के बीच।
- अयोध्या: शाम 5:42 बजे।
- गोरखपुर: शाम 5:38 बजे।
- मथुरा: शाम 6:00 बजे।
ये समय शहरों में शाम के अंधेरे और तारों के दिखाई देने की संभावित स्थिति बताते हैं। अगर आसमान में बादल हैं, तो निर्धारित समय के बाद भी तारे देखने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
अहोई अष्टमी 2026 पर चंद्रोदय कितने बजे होगा
अहोई अष्टमी पर मुख्य रूप से तारों को अर्घ्य देने की परंपरा है। हालांकि, कुछ परिवारों में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने की परंपरा भी है। ऐसे में चंद्रमा के निकलने का समय जानना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का अनुमानित समय इस प्रकार है।
- लखनऊ: रात 11:28 बजे।
- कानपुर: रात 11:31 बजे।
- आगरा: रात 11:40 बजे।
- वाराणसी: रात 11:22 बजे।
- प्रयागराज: रात 11:27 बजे।
- अयोध्या: रात 11:23 बजे।
- गोरखपुर: रात 11:18 बजे।
- मथुरा: रात 11:41 बजे।
- बरेली: रात 11:32 बजे।
- मेरठ: रात 11:38 बजे।
चंद्रमा को देखकर व्रत खोलने की पारिवारिक परंपरा का पालन करने वाली महिलाओं को देर रात तक इंतजार करना पड़ सकता है। वहीं, तारों को अर्घ्य देने वाली महिलाएं शाम को तारा दर्शन के बाद व्रत का पारण करती हैं।
अहोई अष्टमी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
अहोई अष्टमी पर शाम को अहोई माता की पूजा का विशेष महत्व है। महिलाएं घर की दीवार पर अहोई माता की आकृति बनाती हैं या उनकी तस्वीर स्थापित करके पूजा करती हैं। इसके बाद रोली, अक्षत, फूल, दीपक और मिठाई चढ़ाकर संतान की लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती हैं।
लखनऊ में अहोई अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:24 बजे से 6:41 बजे तक है। दूसरे शहरों में स्थानीय सूर्यास्त के अनुसार पूजा के समय में कुछ अंतर होगा। पूजा के दौरान अहोई माता को रोली, अक्षत, फूल और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद अहोई अष्टमी की व्रत कथा सुनें और संतान के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र तथा खुशहाल भविष्य की प्रार्थना करें।
अहोई अष्टमी पर तारों को अर्घ्य कैसे दें
शाम को अहोई माता की पूजा और कथा पूरी करने के बाद आसमान में तारे दिखाई देने का इंतजार करें। तारे नजर आने पर एक साफ लोटे में जल भरें। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार इसमें अक्षत और फूल डाल सकते हैं। इसके बाद खुले आसमान के नीचे जाकर तारों की ओर देखकर जल अर्पित करें। इस दौरान अहोई माता का ध्यान करें और अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य तथा जीवन में सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। कुछ परिवारों में बच्चे के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोलने की परंपरा है। इसके बाद प्रसाद और भोजन ग्रहण किया जाता है।
अहोई अष्टमी पर चांद इतनी देर से क्यों निकलता है
अहोई अष्टमी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन चंद्रमा का उदय देर रात होता है। इसी कारण इस व्रत में चंद्रमा के बजाय तारों को देखकर व्रत खोलने की परंपरा अधिक प्रचलित है। तारे सूर्यास्त के बाद शाम को दिखाई देने लगते हैं, जबकि चंद्रमा के लिए देर रात तक इंतजार करना पड़ सकता है। यही वजह है कि अहोई अष्टमी की पूजा में तारा दर्शन को खास महत्व दिया जाता है।
अहोई अष्टमी 2026 की तिथि कब से कब तक है
हिंदू पंचांग के अनुसार, 1 नवंबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 52 मिनट तक कार्तिक कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी, जो 2 नवंबर 2026 को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। 1 नवंबर की शाम और रात को अष्टमी तिथि रहने के कारण इसी दिन अहोई अष्टमी का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन शाम को अहोई माता की पूजा, व्रत कथा और तारों को अर्घ्य देने की रस्म पूरी की जाएगी।
