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आतंक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बरकरार रखी कश्मीरी युवक की जमानत, NIA की अपील हुई खारिज

Mateen Ahmed Bhat: जस्टिस नवीन चावला और अरुण भारद्वाज की बेंच ने 30 अक्टूबर को दिए फैसले में कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोप भले ही गंभीर हैं, लेकिन उनकी सच्चाई ट्रायल में परखी जानी है, और ट्रायल जल्द खत्म होने की संभावना नहीं है।

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दिल्ली हाई कोर्ट (फोटो साभार- PTI)

Mateen Ahmed Bhat: दिल्ली हाईकोर्ट ने आतंकवाद से जुड़े एक मामले में कश्मीरी युवक को मिली जमानत को बरकरार रखा है। कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा जमानत देने के आदेश को चुनौती दी गई थी। जस्टिस नवीन चावला और अरुण भारद्वाज की बेंच ने 30 अक्टूबर को दिए फैसले में कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोप भले ही गंभीर हैं, लेकिन उनकी सच्चाई ट्रायल में परखी जानी है, और ट्रायल जल्द खत्म होने की संभावना नहीं है। बेंच ने कहा, "हमें इस अपील में कोई दम नहीं दिखता। अपील खारिज की जाती है।"

NIA ने दायर की थी हाईकोर्ट में अपील

यह मामला मतीन अहमद भट से जुड़ा है। ट्रायल कोर्ट ने 3 मई 2023 को उसे जमानत दी थी, जिसके खिलाफ NIA ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। NIA का आरोप था कि मतीन अहमद भट ने कश्मीर घाटी में सक्रिय एक आतंकवादी के लिए ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) के तौर पर काम करने की साजिश रची थी। एजेंसी के मुताबिक, वह प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के लिए हथियार और गोला-बारूद जुटाने में शामिल था ताकि घाटी और देश के अन्य हिस्सों में अशांति फैलाई जा सके।

क्या था NIA का दावा

NIA ने दावा किया था कि अनुच्छेद 370 और 35A हटने के बाद प्रतिबंधित आतंकी संगठनों ने स्थानीय युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें अलगाववादी समूहों में शामिल किया और OGW बनाया। जांच में सामने आया कि भट की मुलाकात हिजबुल मुजाहिदीन के एक आतंकवादी से हुई थी और वह पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल जैसे संगठनों के लिए काम कर रहा था। हाईकोर्ट में NIA ने तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट ने बाद में आरोपी के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं, इसलिए जमानत का आदेश विरोधाभासी और गलत है।

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मतीन भट को 2021 में किया गया था गिरफ्तार

इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने सही तरीके से यह जांच की थी कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से आरोपी के खिलाफ आरोप प्रथम दृष्टया सही लगते हैं या नहीं। कोर्ट ने कहा कि बाद में आरोप तय होने का आदेश जमानत के खिलाफ अपील पर विचार करने के लिए प्रासंगिक नहीं है। मतीन अहमद भट को 13 अक्टूबर 2021 को गिरफ्तार किया गया था। NIA ने अप्रैल 2022 में उसके खिलाफ IPC की धारा 120B, 121A और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। 2024 में उसके खिलाफ आरोप तय किए गए थे।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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