Tulsi Mata ki Aarti Lyrics in Hindi: हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जहाँ तुलसी होती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा रहती है। तुलसी का पूजन हमें यह सिखाता है कि ईश्वर केवल मंदिरों में ही नहीं, बल्कि प्रकृति के हर कण में विद्यमान हैं। जब हम तुलसी को जल चढ़ाते हैं, दीपक जलाते हैं, तो वास्तव में हम अपने मन को भी शुद्ध करने का प्रयास करते हैं। आज क्रिसमस के साथ-साथ तुलसी पूजन दिवस भी है। आज तुलसी माता की पूजा जरूर करनी चाहिए और साथ ही उनकी आरती भी करनी चाहिए। इसके लिए आप यहां से तुलसी आरती के लिरिक्स देखें।
Tulsi Mata Ki Aarti Lyrics (तुलसी माता की आरती)-
तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।
धन तुलसी पूरण तप कीनो,
शालिग्राम बनी पटरानी ।
जाके पत्र मंजरी कोमल,
श्रीपति कमल चरण लपटानी ॥
तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।
धूप-दीप-नवैद्य आरती,
पुष्पन की वर्षा बरसानी ।
छप्पन भोग छत्तीसों व्यंजन,
बिन तुलसी हरि एक ना मानी ॥
तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।
सभी सखी मैया तेरो यश गावें,
भक्तिदान दीजै महारानी ।
नमो-नमो तुलसी महारानी,
तुलसी महारानी नमो-नमो ॥
तुलसी महारानी नमो-नमो,
हरि की पटरानी नमो-नमो ।
Jai Tulsi Mata Aarti (जय तुलसी माता आरती)-
जय जय तुलसी माता,
मैया जय तुलसी माता ।
सब जग की सुख दाता,
सबकी वर माता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
सब योगों से ऊपर,
सब रोगों से ऊपर ।
रज से रक्ष करके,
सबकी भव त्राता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
बटु पुत्री है श्यामा,
सूर बल्ली है ग्राम्या ।
विष्णुप्रिय जो नर तुमको सेवे,
सो नर तर जाता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
हरि के शीश विराजत,
त्रिभुवन से हो वंदित ।
पतित जनों की तारिणी,
तुम हो विख्याता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
लेकर जन्म विजन में,
आई दिव्य भवन में ।
मानव लोक तुम्हीं से,
सुख-संपति पाता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
हरि को तुम अति प्यारी,
श्याम वर्ण सुकुमारी ।
प्रेम अजब है उनका,
तुमसे कैसा नाता ॥
हमारी विपद हरो तुम,
कृपा करो माता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
जय जय तुलसी माता,
मैया जय तुलसी माता ।
सब जग की सुख दाता,
सबकी वर माता ॥
॥ जय तुलसी माता...॥
