अध्यात्म

आज 15 अप्रैल के सूर्यास्त और प्रदोष काल का समय, आपके शहर में सूरज कब डूबेगा, प्रदोष व्रत की पूजा कब करें?

Sunset Time 15 April 2026: 15 अप्रैल के दिन वैशाख माह का पहला प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। प्रदोष व्रत का पूजन प्रदोष काल में यानी सूर्यास्त के बाद किया जाता है। जानिए सूर्यास्त का सही समय क्या है।

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आज सूर्यास्त कब होगा

Sunset Time 15 April 2026: 15 अप्रैल 2026, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन बुध प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और इस व्रत की पूजा सूर्यास्त के बाद के समय में की जाती है। मान्यता है कि इस समय भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

पंचांग के अनुसार आज सूर्यास्त शाम 6 बजकर 47 मिनट पर होगा। इसी के साथ प्रदोष काल शुरू हो जाता है, जो लगभग 1.5 से 2 घंटे तक रहता है। आज प्रदोष काल का शुभ समय शाम 6:47 बजे से रात 9:00 बजे तक माना जा रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर यह शाम 6:01 बजे से रात 9:13 बजे तक भी हो सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि आपके शहर के अनुसार आज सूर्यास्त की क्या टाइमिंग है।

आपके शहर में सूर्यास्त कब होगा?

क्रमशहरसूर्यास्त समय
1दिल्ली6:47 PM
2मुंबई6:56 PM
3कोलकाता5:58 PM
4चेन्नई6:18 PM
5बेंगलुरु6:28 PM
6हैदराबाद6:32 PM
7अहमदाबाद6:58 PM
8पुणे6:53 PM
9जयपुर6:53 PM
10लखनऊ6:35 PM
11कानपुर6:36 PM
12वाराणसी6:30 PM
13पटना6:20 PM
14भोपाल6:45 PM
15इंदौर6:48 PM
16नागपुर6:34 PM
17चंडीगढ़6:49 PM
18अमृतसर6:52 PM
19देहरादून6:42 PM
20हरिद्वार6:43 PM
21रांची6:15 PM
22भुवनेश्वर6:07 PM
23गुवाहाटी5:36 PM
24श्रीनगर6:58 PM
25जम्मू6:51 PM
26सूरत6:57 PM
27राजकोट7:00 PM
28मैसूर6:30 PM
29कोयंबटूर6:23 PM
30मदुरै6:20 PM
31तिरुवनंतपुरम6:26 PM
32विशाखापट्टनम6:12 PM

क्यों पवित्र है प्रदोष काल?

हिंदू धर्म में प्रदोष काल को अत्यंत पवित्र समय माना गया है। यह समय दिन और रात के मिलन का होता है, जिसे आध्यात्मिक ऊर्जा का समय भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस समय भगवान शिव कैलाश पर्वत पर नृत्य करते हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। बुधवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत बुध प्रदोष व्रत कहलाता है, जो बुद्धि, वाणी और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।

प्रदोष व्रत का पारण कब करें?

प्रदोष व्रत का पारण 16 अप्रैल की सुबह किया जा सकता है। 15 अप्रैल की रात 10 बजे के बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी। इस व्रत का पारण चतुर्दशी में ही किया जाता है। इस कारण व्रत का पारण 16 अप्रैल को होगा।

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Mohit Tiwari
मोहित तिवारी author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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