अध्यात्म

Surya Grahan Dos And Don't 2024: सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें क्या नहीं? जानिए नियम

Surya Grahan Dos And Don't 2024: सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना मानी जाती है। इसका धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही महत्व होता है। सूर्य ग्रहण को लेकर ज्योतिष शास्त्र में कुछ नियम बताए गए हैं। आइ जानते हैं सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें क्या नहीं।

Image

Surya Grahan Dos And Don't 2024

Surya Grahan Dos And Don't 2024: 2024 में साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर 2024 को लगने जा रहा है। साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भारत के समयनुसार रात 9 बजकर 12 मिनट से होगी और समाप्ति देर रात 3 बजकर 22 मिनट पर होगी। ये ग्रहण रात के समय लगेगा। इस कारण इस सूर्य ग्रहण का असर भारत में नहीं होगा। इस साल 2 अक्तूबर को आश्विन महीने की अमावस्या भी पड़ रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन ही लगता है। सूर्य ग्रहण के दिन के लिए ज्योतिष शास्त्र में कुछ खास नियम बताए गए हैं। सूर्य ग्रहण के दिन कुछ काम को करने की मनाही होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

Surya Grahan Dos (सूर्य ग्रहण के दिन क्या करें)

  • सूर्य ग्रहण के दौरान आप मंत्रों का जाप कर सकते हैं और भजन कर सकते हैं।
  • सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद दान जरूर करें।
  • सूर्य ग्रहण के समय में सारे अन्न में तुलसी दल या कुशा जरूर डाल दें।
  • सूर्य ग्रहण के दौरान आप रामायण पाठ और श्रीमद्भागवत गीता का पाठ कर सकते हैं।

Surya Grahan Dont's (सूर्य ग्रहण के दिन क्या ना करें)

  • सूर्य ग्रहण शुरू होने से पहले मंदिर के कपाट बंद कर दें।
  • इस समय में मंदिर में पूजा ना करें ना ही अन्न जल ग्रहण करना चाहिए।
  • सूर्य ग्रहण के समय में सोना भी वर्जित होता है। इस समय में सोना नहीं चाहिए।
  • सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
  • ग्रहण के समय में भोजन नहीं बनाना चाहिए और ना ही करना चाहिए।
  • सूर्य ग्रहण के समय में काटने-छीलने का काम भी नहीं करना चाहिए।

साल 2024 का आखिरी सूर्य ग्रहण कहां दिखाई देगा

साल 2024 का आखिरी सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। ये ग्रहण र्जेंटीना, ब्राजील, मैक्सिको, उरुग्वे, पेरू, न्यूजीलैंड, फिजी, इक्वेडोर, अंटार्कटिका, टोंगा, अमेरिका, परागुआ आदि जगहों पर दिखाई देगा। इस ग्रहण का असर इन देशों पर पड़ेगा।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

और पढ़ें
End of Article