अध्यात्म

Surya Arghya Vidhi: सूर्य देव को जल चढ़ाने का सही तरीका क्या है? भूल से भी अर्घ्य देते वक्त नहीं करें ये गलतियां

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated May 13, 2023, 12:03 PM IST

Surya Argya Vidhi (सूर्य को अर्घ्य कैसे दें): हिंदू धर्म में रोज सुबह उठकर भगवान सूर्य को जल अर्पित करने का बहुत ही गहरा महत्व होता है। कुंडली पर सूर्य की सही दशा के जातकों का जीवन सफल हो जाता है। इसलिए सूर्य देव को जल अवश्य ही चढ़ाना चाहिए, हालांकि सूर्य को अर्घ्य देने का भी एक तरीका होता है। जिसका पालन न कर जातक मुश्किल में पड़ सकते हैं।, यहां देखें सही सूर्य अर्घ्य विधि क्या है -

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Surya arghya vidhi surya dev ko jal chadhane ka sahi tareeka kya hai in hindi

Surya Argya Vidhi Surya Dev ko Jal kaise chadhaye: सनातन धर्म में सूरज, चांद, सितारे, पृथ्वी हर किसी को पूजा जाता है, ये इनका आशीर्वाद और कुंडली पर सटीक दशा से ही जातकों का जीवन सुख, शांति और समृद्धि से गुजरता है। मान्यता है कि, एकमात्र सूर्य देव ही ऐसे हैं, जिनके दर्शन जातक रोज़ कर सकते हैं। ज्योतिष अनुसार अगर किसी भी जातक की कुंडली पर सूर्य की स्थिति ठीक है, तो उसके जीवन में सफलता और खुशियों की कभी कमी नहीं आएगी। ऐसे में सूर्य देव को प्रसन्न करने हेतु नियमित रूप से सूर्य को अर्घ्य देना बहुत ही लाभदायक हो सकता है। हालांकि सूरज देवता को विधिपूर्वक और किन्हीं बातों का ध्यान रखते हुए जल चढ़ाना बहुत महत्वपूर्ण होता है। विधि विधान से अर्घ्य नहीं दिए जाने की वजह से बहुत हद तक संभावना है कि, सूर्य देव आपसे रुष्ठ हो जाएंगे। देखें अर्घ्य देने या जल चढ़ाने का सही तरीका क्या है?

सूर्य देव को जल चढ़ाने की विधि

  • सूर्य देव को जल अर्पित करने वाले जातकों को सबसे पहले सुबह उठकर नहाना चाहिए। फिर पूजा-पाठ कर सूर्य देव को जल चढ़ाना चाहिए।
  • सूर्य देव को जल हमेशा तांबे के लोटे या किसी अन्य पात्र से ही चढ़ाया जाता है।
  • सूर्य देवता को जल चढ़ाते वक्त ध्यान रखें कि, आपके दोनों हाथ सिर के ऊपर हो।
  • अर्घ्य देने का सही समय सुबह ही होता है, दिन में सूरज देव को जल आमतौर पर नहीं चढ़ाया जाता है।
  • जल चढ़ाते वक्त जातकों का मुख पूर्व दिशा की ओर ही होना चाहिए।
  • जल में आप चंदन, लाल फूल या रोली डालकर उसको अर्पित कर सकते हैं।
  • जल अर्पण करते वक्त सूर्य के मंत्रों का जप अवश्य करें।
  • अर्घ्य देने के बाद तीन बार परिक्रमा करने का भी अत्यधिक महत्व होता है।
  • जल देने के बाद परिक्रमा लेकर धरती माता के पैर छू कर ओम सूर्याय नम: मंत्र का जाप करना चाहिए।

सूर्य को अर्घ्य देना क्यों है लाभदायक?

हिंदू धर्म में सूर्य देव को बहुत ही प्रभावशाली माना गया है। वहीं अगर कोई भी जातक रोज़ सुबह उठकर पूजा-पाठ कर सूर्य देव को जल चढ़ाए, इसका सीधा असर जातक के शरीर पर पड़ता है। सूर्य देव को ऊर्जा और शक्ति का स्वामी कहा गया है। इसलिए जब भी कोई व्यक्ति सूर्य देव को अर्घ्य देता है, तो उसमें सूर्य समान शक्तियां और ऊर्जा आ जाती है। सूर्य को जल चढ़ाने से आत्म शुद्धि, बल की प्राप्ति और समाज में मान-सम्मान की बढ़त भी होती है।
अवनि बागरोला
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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