नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर महीनेभर तक आंदोलन चलाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब अपनी भविष्य की रणनीति बना रही है। इसी बाबत सीजेपी की कोर कमेटी की अहम बैठक 5 अगस्त को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में होगी। पार्टी सूत्रों ने इस बारे नें जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि बैठक में संगठन की आगामी रणनीति और भविष्य के कार्यक्रमों पर चर्चा की जाएगी।
अभिजीत दिपके के आवास पर होगी बैठक
सूत्रों ने बताया कि यह बैठक सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके के आवास पर आयोजित होगी। आंदोलन के समापन के बाद उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों से कुछ समय परिवार के साथ बिताने और छात्रों व समर्थकों से बातचीत कर उनके सुझाव लेकर बैठक में आने को कहा था।
भविष्य की रणनीति पर होगा मंथन
बैठक में आंदोलन के अनुभवों की समीक्षा की जाएगी और आगे के अभियान को लेकर निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक,बैठक के बाद सीजेपी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने अगले कदम और भविष्य की रणनीति की औपचारिक घोषणा करेगी। इस बीच, अभिजीत दिपके ने अपने आवास पर छात्रों,स्थानीय लोगों और आसपास के जिलों से आए आगंतुकों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों के साथ फ्रेंडशिप डे भी मनाया।
दिपके की तबीयत खराब
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। छत्रपति संभाजीनगर स्थित उनके आवास पर जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर कम (100/60) है और उन्हें उल्टी व दस्त की शिकायत है। उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया गया और आराम की सलाह दी गई। डॉक्टरों के मुताबिक, यदि स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो रक्त जांच कर आगे का इलाज किया जाएगा। गौरतलब है कि 25 जुलाई को जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान दीपके ने बताया था कि वह टाइफाइड से पीड़ित हैं और उनका इलाज चल रहा है।
जंतर-मंतर पर किया था प्रदर्शन
NEET पेपर लीक को लेकर सीजेपी ने जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबा आंदोलन चलाया था। इस दौरान परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच,दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई गई थी। इस आंदोलन को देशभर में बड़ी संख्या में छात्रों और Gen Z युवाओं का समर्थन मिला। इस आंदोलन के समर्थन में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भी प्रदर्शन हुए। वहीं, इस आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था
