अध्यात्म

छठ पूजा: मारबो रे सुगवा धनुष से, अनुराधा पौडवाल छठ पूजा गीत

Chhath Geet (छठ पूजा गीत, मारबो रे सुगवा धनुष से गीत): ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए, मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए.. छठ के इस खूबसूरत गीत के पूरे लिरिक्स यहां मौजूद हैं। इसे देखकर आप छठ महापर्व का गीत गुनगुना सकते हैं।

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मारबो रे सुगवा धनुष से छठ पूजा गीत (pic credit: pinterest)

Chhath Geet (छठ पूजा गीत, मारबो रे सुगवा धनुष से गीत): पूरे उत्तर भारत में छठ पूजा की धूम मची है। आज संध्या अर्घ्य है। आज पूरी रात व्रती छठ मैया के गीत गाएंगी और उनकी पूजा करेंगी। इस दिन छठ घाट पर भी छठ के गीत ही सुनाई देते हैं। ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से.. छठ पूजा का एक मशहूर गीत है। यहां हम आपके लिए इसी गीत के लिरिक्स लेकर आए हैं।

Suga Gire Murjhaye Chhath Geet Lyrics In Hindi-

ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से

ओह पर सुगा मेड़राए

मारबो रे सुगवा धनुख से,

सुगा गिरे मुरझाए।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,

आदित होई ना सहाय ॥

ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से,

ओह पर सुगा मेड़राए ।

मारबो रे सुगवा धनुख से,

सुगा गिरे मुरझाए ।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,

आदित होई ना सहाय ॥

अमरुदवा जे फरेला खबद से,

ओह पर सुगा मेड़राए ।

मारबो रे सुगवा धनुख से,

सुगा गिरे मुरझाए ।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,

आदित होई ना सहाय ॥

शरीफवा जे फरेला खबद से,

ओह पर सुगा मेड़राए ।

मारबो रे सुगवा धनुख से,

सुगा गिरे मुरझाए ।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,

आदित होई ना सहाय ॥

ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से,

ओह पर सुगा मेड़राए ।

मारबो रे सुगवा धनुख से,

सुगा गिरे मुरझाए ।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,

आदित होई ना सहाय ॥

सभे फलवा जे फरेला खबद से,

ओह पर सुगा मेड़राए ।

मारबो रे सुगवा धनुख से,

सुगा गिरे मुरझाए ।

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से,

आदित होई ना सहाय ॥

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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