अध्यात्म

Shukrawar Upay: प्रचुर धन के लिए शुक्रवार को जरूर आजमाएं ये 4 उपाय

Shukrawar Ke Upay In Hindi: शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की विधि विधान पूजा के बाद लक्ष्मी जी की आरती (Laxmi Ji Ki Aarti) जरूर करें। साथ ही माता लक्ष्मी के मंत्रों (Laxmi Mantra) का जाप करें। ऐसा करने से धन-धान्य की कभी कमी नहीं होगी। यहां जानिए शुक्रवार के 4 अचूक उपाय।

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Shukrawar Ke Upay In Hindi

Shukrawar Ke Upay In Hindi: शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार जिस व्यक्ति पर मां लक्ष्मी की कृपा रहती है उसके जीवन में कभी किसी चीज की कमी नहीं होती। ऐसे लोगों की आर्थिक स्थिति सदैव अच्छी बनी रहती है। ऐसे में अगर आप भी धन की देवी की कृपा पाने चाहते हैं तो शुक्रवार के दिन कुछ विशेष उपाय जरूर करें। यहां जानिए शुक्रवार के उपाय।

करें इस मंत्र का जाप (Shukrawar Ke Mantra)

सर्वबाधा प्रश्मन्न त्रैलोक्य श्याखेश्वरी

एवमेव त्वयामस्मद्वैरी विनाशनम।

इस मंत्र का भावार्थ- यह दुर्गासप्तशती के सप्तश्लोकी दुर्गा का महामन्त्र है। इस मंत्र से सभी कार्य बाधाएं समाप्त होती हैं। शुभ होता है सभी अमंगल दूर होते हैं। जीवन मे भक्ति से ही शक्ति आती है। यह बहुत ही अद्धभुत व चमत्कारिक मन्त्र है। दुर्गा मंदिर या घर के मंदिर में में रुद्राक्ष की माला पर इसका जप करें। आप इसका मानसिक जप भी कर सकते हैं। यदि इस मंत्र को पीपल के वृक्ष या नदी के तट या गोशाला में जप किया जाय तो और बेहतर होगा। यह चमत्कारिक मन्त्र दैहिक, दैविक व भौतिक संतापों से मुक्ति प्रदान कर माता दुर्गा की भक्ति की तरफ ले जाता है। आपका भोजन सात्विक हो। आपका मन पवित्र व धार्मिक-आध्यात्मिक हो तभी यह मंत्र चमत्कारिक कार्य करेगा। यह मंत्र भाग्य चमका देता है। ऐश्वर्य व धन प्रदान करता है। यह मंत्र मन व तन को शुद्ध करता है। मन को भक्तिमय करता है।

यह मंत्र चमत्कार करता है। मन की अगली गति भगवान की प्राप्ति व जीवन में ऐश्वर्य व जनहित का है। आप बहुत बेहतर इंसान बनें। कर्म करें। सब कुछ करने के बावजूद यदि सफलता नहीं मिलती है तो यह श्लोक आपको यशश्वी व सफल बनाएगा। जीवन के समस्त दुख समाप्त होते हैं। यह श्लोक ब्रम्हास्त्र जैसा कार्य करता है। इस महामंत्र का जप अवश्य करें। माता के मंदिर में जाएं वहां दुर्गा जी की प्रतिमा की एक परिक्रमा करें। अंत मे हवन व आरती करें।

करें श्री सूक्त का पाठ व हवन

शुक्रवार को श्री सूक्त में वर्णित ऋग्वैदिक श्री सूक्तम के 16 मंत्रों का पाठ करके फिर हवन करें। यह अनुष्ठान मन्दिर में 108 बार या घर पर 21 या 51 पाठ अपने मन्दिर में ही कर सकते हैं। घी का दीपक जलता रहे।

करें गो माता की सेवा

गाय को पालक, गुड़ व केला खिलाएं। गो शाला में जाकर गाय की सेवा करें। बीमार लोग गो दान भी कर सकते हैं। एकदम सफेद गाय को पूड़ी व गुड़ ख़िलाकर उसको तिलक करें। गाय की सेवा का फल बहुत पुण्यदायी होता है।

श्री विष्णु की उपासना करें

विष्णु मंदिर जाकर पूजा पाठ करके भगवान की मूर्ति की 04 परिक्रमा करने से कई जन्म के पापों से मुक्ति मिलती है। केला व खीर भगवान को चढ़ाएं। अन्न दान करते रहें।

TNN Spirituality Desk
TNN अध्यात्म डेस्क author

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