Shukra Pluto Shadashtak Yog 2026 : वैदिक ज्योतिष में शुक्र को धन, वैभव, सुख-सुविधा, प्रेम, विवाह, कला, सौंदर्य और भौतिक सुखों का कारक ग्रह माना जाता है। वहीं, आधुनिक ज्योतिष में यम ग्रह (प्लूटो) को गहरे परिवर्तन, गुप्त शक्ति, कर्मफल, मनोवैज्ञानिक बदलाव, सत्ता, संकट और पुनर्जन्म का ग्रह माना जाता है। जब ये दोनों ग्रह 150 डिग्री की दूरी पर आ जाते हैं, तब इनके बीच षडाष्टक योग बनता है।
13 जुलाई 2026 की शाम 6 बजकर 53 मिनट पर शुक्र और प्लूटो के बीच यही योग बना है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह योग जीवन में असंतुलन, रिश्तों की परीक्षा, आर्थिक निर्णयों में भ्रम, भावनात्मक तनाव और अचानक परिस्थितियों में बदलाव का संकेत देता है। शुक्र जहां सुख और संतुलन चाहते हैं, वहीं प्लूटो जीवन में गहरे परिवर्तन लाना चाहता है। ऐसे में दोनों ग्रहों की ऊर्जा एक-दूसरे से तालमेल नहीं बैठा पाती, जिससे कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
क्यों अशुभ है षडाष्टक योग
षडाष्टक योग व्यक्ति को ऐसी परिस्थितियों में डाल सकता है, जहां उसे अपनी सोच, व्यवहार और निर्णय लेने की शैली बदलनी पड़ती है। इस दौरान जल्दबाजी में लिया गया फैसला बाद में नुकसान पहुंचा सकता है। विशेष रूप से प्रेम संबंध, वैवाहिक जीवन, निवेश, साझेदारी, नौकरी परिवर्तन और पारिवारिक मामलों में धैर्य रखना आवश्यक माना जाता है। यह योग करीब 60 दिनों तक असर दिखाता है।
वृषभ राशि
शुक्र आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस योग का प्रभाव सबसे पहले आप पर दिखाई दे सकता है। आर्थिक मामलों में अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। बिजनेस में किसी साझेदार के साथ मतभेद हो सकते हैं। दांपत्य जीवन में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है। निवेश करते समय पूरी जांच-पड़ताल करें और किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
उपाय: माता लक्ष्मी को सफेद कमल या सफेद पुष्प अर्पित करें। 'ॐ शुक्राय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें तथा किसी जरूरतमंद महिला को सफेद वस्त्र, चावल या मिश्री का दान करें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए यह योग करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में सावधानी का संकेत दे रहा है। उच्च अधिकारियों से बातचीत में संयम रखें। अहंकार या गुस्से में लिया गया निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है। बिजनेस में बड़े निवेश को कुछ समय के लिए टालना बेहतर रहेगा।
उपाय: प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें। रविवार को गेहूं और गुड़ का दान करें तथा 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। पिता और गुरु का सम्मान करें।
तुला राशि
तुला राशि के स्वामी भी शुक्र हैं। इस दौरान कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। प्रेम संबंधों में गलतफहमी पैदा होने की आशंका है। खर्चों पर नियंत्रण रखना आवश्यक होगा। यदि नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं तो जल्दबाजी से बचें। परिवार के साथ संवाद बनाए रखें।
उपाय: शुक्रवार को श्रीसूक्त का पाठ करें और माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं। छोटी कन्याओं को सफेद मिठाई खिलाएं और चांदी का छोटा-सा दान करना भी शुभ रहेगा।
वृश्चिक राशि
प्लूटो का स्वभाव वृश्चिक राशि से भी गहराई से जोड़ा जाता है। इसलिए इस गोचर के दौरान मानसिक दबाव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव बढ़ सकते हैं। साझेदारी वाले कार्यों में पारदर्शिता रखें। कानूनी मामलों या संपत्ति संबंधी निर्णयों में विशेष सावधानी बरतें।
उपाय: सोमवार को भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें। महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। जरूरतमंद लोगों को काले तिल और अन्न का दान करें।
मकर राशि
मकर राशि वालों को धन संबंधी मामलों में सतर्क रहना होगा। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं और परिवार की जरूरतों पर अपेक्षा से अधिक धन खर्च करना पड़ सकता है। किसी भी प्रकार का जोखिम भरा निवेश करने से बचें। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर रखें।
उपाय: शनिवार को शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। गरीबों को काले उड़द और तिल का दान करें। हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ रहेगा।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
