Vaibhav Sooryavanshi: भारत के पूर्व क्रिकेटर और पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में डेब्यू कराने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि इतनी कम उम्र के खिलाड़ी को इतने बड़े दौरे पर उतारना जल्दबाजी थी और इससे टीम संयोजन पर गैरजरूरी दबाव पड़ा। सोमवार को ‘पीटीआई’ से बातचीत में प्रसाद ने कहा, “किसी युवा खिलाड़ी को तैयार करना है तो उसे धीरे-धीरे आगे बढ़ाना चाहिए। आयरलैंड या जिम्बाब्वे जैसे दौरों पर मौका देना समझ में आता है, लेकिन 15 साल के असाधारण टैलेंट के साथ बेहद सावधानी जरूरी है।”
वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर उठे सवाल
प्रसाद का सुझाव है कि सूर्यवंशी को पहले घरेलू क्रिकेट का पूरा एक सत्र खेलने देना चाहिए था और उसके बाद आयरलैंड दौरे पर आजमाना बेहतर रहता। उन्होंने कहा, “वैभव लगातार खेल रहे हैं – आईपीएल, फिर इंडिया ए सीरीज। इतनी कम उम्र में लगातार क्रिकेट खेलना आसान नहीं होता। ऐसे खिलाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना ही सही तरीका है।” बता दें कि वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों में 14, 13 और 15 रनों का स्कोर बनाया था। इसके बाद आखिरी मुकाबले में उन्हें प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया गया था।
गंभीर का किया बचाव
पूर्व चीफ सेलेक्टर ने इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ मिली हार के बाद हेड कोच गौतम गंभीर पर उठ रहे सवालों को भी खारिज किया। भारत को आयरलैंड से 0-2 और इंग्लैंड से 0-4 से सीरीज गंवानी पड़ी थी। प्रसाद बोले, “सिर्फ खराब प्रदर्शन के आधार पर पूरा दोष कोच पर डालना ठीक नहीं। हार्दिक पंड्या फिटनेस के कारण बाहर थे और जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया था। जब टीम के दो मुख्य खिलाड़ी नहीं हों तो सही आकलन मुमकिन नहीं।”
संजू सैमसन को टीम से बाहर करने पर जताई नाराजगी
प्रसाद ने संजू सैमसन को टीम से बाहर करने पर भी नाराजगी जताई। “हर बार संजू पर ही गाज गिरना समझ से परे है। इंग्लैंड जैसी उछाल वाली पिचों पर वह भारत के सबसे प्रभावी बल्लेबाजों में से एक हैं। उन्हें बाहर करना बड़ी गलती थी।”
