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DU UG Admission 2026: कॉलेज प्रेफरेंस में दिखा बड़ा उलटफेर, SRCC और सेंट स्टीफेंस पिछड़े, दयाल सिंह और वेंकटेश्वर बने छात्रों की पहली पसंद

DU UG Admission 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय में यूजी एडमिशन के लिए CSAS पोर्टल पर कॉलेज के मामले छात्रों की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पारंपरिक कॉलेज की जगह कई अन्य कॉलेज लेते नजर आ रहे हैं। आइए जानते हैं कि इसकी वजह क्या है।

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DU में इस साल पारंपरिक टॉप कॉलेज की तुलना में दिखा अन्य कॉलेजों का दबदबा (Photo - AI)

DU UG Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के अंडरग्रेजुएट (UG) एडमिशन सत्र 2026 में इस बार उम्मीदवारों की प्राथमिकताओं में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के तहत कॉलेज चुनने की प्रक्रिया में डीयू के टॉप कॉलेजों का दबदबा कम होता नजर आ रहा है। काउंसलिंग की प्रक्रिया में कुछ अन्य कॉलेजों की लोकप्रियता देखने को मिल रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जहां पहले मिरांडा हाउस, एसआरसीसी और सेंट स्टीफन का दबदबा देखने को मिलता था अब छात्रों की प्राथमिकता में फेरबदल के साथ दयाल सिंह कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ने अपनी जगह बनाई है।

कॉलेज प्राथमिकताओं का 'बड़ा रीसेट'

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ताजा रुझान बताते हैं कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) लागू होने के बाद से दिल्ली यूनिवर्सिटी के सबसे पसंदीदा कॉलेजों का सालों पुराना तय क्रम अब धीरे-धीरे रीसेट होता नजर आ रहा है। इस बार के एडमिशन ट्रेंड्स की बात करें तो आइए जानते हैं कौन से कॉलेज शीर्ष पर रहे और किन कॉलेज का दबदबा हुआ कम-

शीर्ष पर पहुंचे ये कॉलेज: किरोड़ीमल कॉलेज (KMC) अपनी पुरानी लोकप्रियता को बरकरार रखते हुए इस बार भी छात्रों का पसंदीदा बना हुआ है। लेकिन सबसे चौंकाने वाला उछाल दयाल सिंह कॉलेज, श्री वेंकटेश्वर कॉलेज और रामजस कॉलेज के प्रेफरेंस में देखने को मिला है। इतिहास में पहली बार दयाल सिंह और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ने छात्रों की 'टॉप-टियर' प्रेफरेंस लिस्ट में अपनी जगह पक्की की है।

लिस्ट से बाहर हुए दिग्गज: हमेशा से छात्रों की पहली और इकलौती पसंद माने जाने वाले श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC), सेंट स्टीफेंस कॉलेज और मिरांडा हाउस इस साल छात्रों की टॉप-5 प्रेफरेंस लिस्ट से पूरी तरह बाहर नजर आ रहे हैं।

इस फेरबदल के पीछे क्या है वजह?

यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के अनुसार, कॉलेज चुनने के इस नए पैटर्न से उम्मीदवारों की एक बेहद नपी-तुली और व्यावहारिक एडमिशन रणनीति देखने को मिल रही है। इसमें मुख्य भूमिका वजह सीयूईटी स्कोर और सीटों की संख्या है।

सीयूईटी स्कोर की उपलब्धता

अब छात्रों के पास अपने प्रेफरेंस सबमिट करने से पहले ही उनका सीयूईटी (CUET) स्कोर होता है। यही कारण है कि छात्र अब कॉलेज की ब्रांड वैल्यू के पीछे भागने की बजाए, अपने स्कोर, पिछले सालों के ट्रेड्स और अपने पसंदीदी कोर्स में सीटों की उपलब्धा और सीट मिलने की वास्तविक संभावना को देखते हुए कॉलेजों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

सीटों की संख्या बनी गेम चेंजर

अधिकारियों का यह भी मानना है कि इस साल सीटों की उपलब्धता सबसे बड़ा गेम-चेंजर साबित हुई है। उदाहरण के लिए, दयाल सिंह कॉलेज में सेंट स्टीफेंस कॉलेज की तुलना में लगभग 800 सीटें अधिक हैं। ऐसे में दिल्ली विश्वविद्यालय में अपना एडमिशन हर हाल में पक्का करने की उम्मीद रखने वाले छात्रों ने दयाल सिंह कॉलेज को अधिक सुरक्षित और व्यावहारिक विकल्प समझते हुए चुना है।

बीते सालों की तरह इस साल भी कोर्स की रेस में कॉमर्स का दबदबा

भले ही कॉलेजों की रैंकिंग और प्राथमिकताओं में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रहा है, लेकिन अगर कोर्स की बात करें तो बीते सालों की तरह कॉमर्स को लेकर छात्रों कि दीवानगी में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला है। दिल्ली विश्वविद्यालय का बीकॉम (ऑनर्स) आज भी छात्रों के बीच सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा यूजी प्रोग्राम बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 48,336 आवेदकों ने अपनी पहली पसंद के रूप में चुना है। इसके बाद छात्रों की ओवरऑल प्राथमिकताओं में बीकॉम प्रोग्राम, बीए (ऑनर्स) इंग्लिश, बीए (ऑनर्स) पॉलिटिकल साइंस, बीए प्रोग्राम (इतिहास + राजनीति विज्ञान कॉम्बिनेशन), बीए (ऑनर्स) हिस्ट्री और बीएससी (ऑनर्स) जूलॉजी जैसे कोर्सेज शामिल हैं।

2.18 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन

इस साल डीयू की करीब 71,600 अंडरग्रेजुएट सीटों के लिए मुकाबला बेहद कड़ा है। विश्वविद्यालय इस बार 69 कॉलेजों और शैक्षणिक विभागों के माध्यम से 73 प्रोग्राम्स और बीए प्रोग्राम के तहत करीब 150 कॉम्बिनेशन ऑफर कर रहा है। इनमें एडमिशन के लिए अब तक 2,73,751 उम्मीदवारों ने CSAS पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें से 2,18,284 अभ्यर्थी अपनी पूरी आवेदन प्रक्रिया समाप्त कर चुके हैं। खास बात यह है कि इस पूरे आवेदन प्रक्रिया में छात्राओं का दबदबा साफ नजर आ रहा है। कुल रजिस्टर्ड उम्मीदवारों में से 1,20,509 महिलाएं हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 97,775 है, यानी छात्राओं की कुल हिस्सेदारी 53 फीसदी से अधिक है.

कब आएगी पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने छात्रों की सुविधा के लिए उनके सीयूईटी स्कोर और सबमिट किए गए प्रेफरेंस के आधार पर 'सिमुलेटेड रैंक' जारी कर दी है। इसके माध्यम से छात्र सीट आवंटन के मुख्य दौर से पहले ही अपनी संभावित एडमिशन संभावनाओं का अंदाजा लगा सकते हैं। बाकी आपको बता दें कि डीयू में यूजी कोर्स में एडमिशन की पहली सीट अलॉटमेंट लिस्ट 16 जुलाई को घोषित की जाएगी। प्रेफरेंस बदलने के लिए छात्रों के पास 13 जुलाई यानी आज शाम 4.59 बजे तक का समय था। अब छात्रों की प्राथमिकता के आधार पर सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी की जाएगी।

प्रेफरेंस में बदलाव की अंतिम तिथि13 जुलाई (शाम 4:59 बजे तक).
पहली अलॉटमेंट लिस्ट (First CSAS List)16 जुलाई को घोषित की जाएगी
सीट स्वीकार करने की अवधिचयनित छात्रों को 18 जुलाई तक अपनी आवंटित सीट को ऑनलाइन स्वीकार करना होगा
दस्तावेजों का वेरिफिकेशनसंबंधित कॉलेज 20 जुलाई तक छात्रों के दस्तावेजों की जांच पूरी करेंगे
फीस भुगतान की अंतिम तिथिपहले दौर के तहत फीस जमा करने की आखिरी तारीख 21 जुलाई निर्धारित है
दूसरी अलॉटमेंट लिस्टइसके बाद खाली बची सीटों के लिए दूसरी अलॉटमेंट लिस्ट 25 जुलाई को जारी की जाएगी

यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने फिलहाल छात्रों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि एडमिशन प्रक्रिया अभी शुरुआती दौर में है, इसलिए अंतिम अलॉटमेंट और सीटों के वास्तविक आवंटन के बाद ही कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। हालांकि, कॉलेज की प्राथमिकता में आए फेरबदल को देखते हुए कहा जा सकता है कि आज छात्र किसी पारंपरिक ब्रांड नेम के पीछे साल बर्बाद करने की बजाय अपने पसंदीदा कोर्स में दाखिला सुरक्षित करने को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहा author

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्... और देखें

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