Shri Rudrashtakam Lyrics: भगवान शिव की पूजा- अर्चना के लिए महाशिवरात्रि का दिन बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन का व्रत करने से और शिव जी की विधि- विधान से पूजा करने से साधक की हर इच्छा की पूर्ति होती है। इस साल महाशिवरात्रि का त्योहार 8 मार्च को मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के मंदिरों में भक्त की भीड़ लगी रहती है। इस दिन शिव भक्त शिव जी की विशेष पूजा करते हैं। महाशिवरात्रि के दिन यदि आप शिव जी की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो इस दिन 'श्री शिव रूद्राष्टकम'का पाठ कर सकते हैं। रूद्राष्टकम का पाठ करने से शत्रु पर विजय प्राप्त होता है। यहां देखें 'श्री शिव रूद्राष्टकम लिरिक्स।
Shri Rudrashtakam Lyrics (श्री शिव रूद्राष्टकम)
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेहम्
निराकारमोङ्करमूलं तुरीयं
गिराज्ञानगोतीतमीशं गिरीशम् ।
करालं महाकालकालं कृपालं
गुणागारसंसारपारं नतोहम्
तुषाराद्रिसंकाशगौरं गभिरं
मनोभूतकोटिप्रभाश्री शरीरम् ।
स्फुरन्मौलिकल्लोलिनी चारुगङ्गा
लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा
चलत्कुण्डलं भ्रूसुनेत्रं विशालं
प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम् ।
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं
प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि
प्रचण्डं प्रकृष्टं प्रगल्भं परेशं
अखण्डं अजं भानुकोटिप्रकाशं ।
त्र्यःशूलनिर्मूलनं शूलपाणिं
भजेहं भवानीपतिं भावगम्यम्
कलातीतकल्याण कल्पान्तकारी
सदा सज्जनानन्ददाता पुरारी ।
चिदानन्दसंदोह मोहापहारी
प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी
न यावद् उमानाथ पादारविन्दं, भजन्तीह लोके परे वा नराणाम् ।
न तावद् सुखं शांति सन्ताप नाशं, प्रसीद प्रभो सर्वं भूताधि वासं ॥
न जानामि योगं जपं नैव पूजा, न तोऽहम् सदा सर्वदा शम्भू तुभ्यम् ।
जरा जन्म दुःखौघ तातप्यमानं, प्रभोपाहि आपन्नामामीश शम्भो ॥
