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Mahashivratri 2024: शाम को शिवलिंग पर जल चढ़ा सकते हैं? यहां जानिए महाशिवरात्रि पर्व के बारे में संपूर्ण जानकारी

Times Now Navbharat DigitalUpdated Mar 8, 2024, 20:59 IST
Mahashivratri 2024: शाम को शिवलिंग पर जल चढ़ा सकते हैं? यहां जानिए महाशिवरात्रि पर्व के बारे में संपूर्ण जानकारी

Mahashivratri 2024: शाम को शिवलिंग पर जल चढ़ा सकते हैं? यहां जानिए महाशिवरात्रि पर्व के बारे में संपूर्ण जानकारी

Isha Foundation Shivratri Live: महाशिवरात्रि का त्योहार हिंदुओं के सबसे बड़े पर्वों में से एक है। जो हर साल फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। मान्यताओं अनुसार इस पवित्र दिन पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। वहीं ये भी कहा जाता है कि इसी दिन भगवान शिव पहली बार शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। इसलिए ही ये शिवरात्रि शिव भक्तों के लिए अत्यंत खास होती है। इस दिन शिव भक्त व्रत-उपवास रखते हैं और महादेव को प्रसन्न करने के लिए उनकी विधि विधान पूजा करते हैं। इस साल महाशिवरात्रि पर्व 8 मार्च को यानी मनाया जा रहा है। जानिए महाशिवरात्रि पूजा का मुहूर्त।

Mahashivratri Puja Vidhi In Hindi

महाशिवरात्रि 2024 तिथि (Mahashivratri 2024 Date)
महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि 8 मार्च 2024 की रात 09:57 बजे से शुरू होगी और इसकी समाप्ति 9 मार्च 2024 की शाम 06:17 बजे होगी।

Mahashivratri Images Hd

महाशिवरात्रि पूजा का मुहूर्त 2024 (Mahashivratri Puja Muhurat 2024)
महाशिवरात्रि पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त निशिता काल समय माना जाता है। 8 मार्च को ये शुभ मुहूर्त रात 12:07 से शुरू होकर 12:56 तक रहेगा। इसके अलावा महाशिवरात्रि पर चारों प्रहर की पूजा अत्यंत शुभ फलदायी मानी जाती है।

महा शिवरात्रि चार प्रहर पूजा समय 2024
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - 8 मार्च को 06:25 PM से 09:28 PM
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - 8 मार्च को 09:28 PM से 9 मार्च की 12:31 AM तक
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 9 मार्च की 12:31 AM से 03:34 AM तक
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 9 मार्च की 03:34 AM से 06:37 AM तक

महाशिवरात्रि की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, कथा, मंत्र, आरती, महत्व, चालीसा, शिव जी की कथा समेत हर एक जानकारी के लिए बने रहिए इस लाइव ब्लॉग पर...

MAR 08, 2024 20:59 IST

shukra pradosh vrat katha

सूत जी बोले- प्राचीन काल की बात है एक नगर में तीन मित्र रहते थे, तीनों में ही घनिष्ट मित्रता थी। उसमें एक राजा का बेटा, दूसरा ब्राह्मण पुत्र, तीसरा सेठ पुत्र था। राजकुमार व ब्राह्मण पुत्र का विवाह हो चुका था। सेठ पुत्र का विवाह के बाद गौना नहीं हुआ था। एक दिन तीनों मित्र आपस में स्त्रियों की चर्चा कर रहे थे। ब्राह्मण-पुत्र ने नारियों की प्रशंसा करते हुए कहा- "नारीहीन घर भूतों का डेरा होता है।" सेठ-पुत्र ने यह वचन सुनकर अपनी पत्नी लाने का तुरन्त निश्चय किया। सेठ-पुत्र अपने घर गया और अपने माता-पिता को अपना निश्चय बताया।उन्होंने बेटे से कहा कि शुक्र देवता डूबे हुए हैं। इन दिनों बहु-बेटियों को उनके घर से विदा कराकर लाना शुभ नहीं, अतः शुक्रोदय के याद तुम अपनी पत्नी को विदा करा लाना। सेठ पुत्र अपनी जिद से टस से मस नहीं हुआ और अपनी सुसराल जा पहुंचा। सास-ससुर को उसके इरादे का पता चला। उन्होंने उसको समझाने की कोशिश की किन्तु वह नहीं माना। अतः उन्हें विवश हो अपनी कन्या को विदा करना पड़ा। ससुराल से विदा होकर पति-पत्नी नगर से बाहर निकले ही थे कि उनकी बैलगाड़ी का पहिया टूट गया और एक बैल की टांग टूट गई। पत्नी को भी काफी चोट आई। सेठ-पुत्र ने आगे चलने का प्रयत्न जारी रखा तभी डाकुओं से भेंट हो गई और वे धन-धान्य लूटकर ले गए।
MAR 08, 2024 20:44 IST

panchakshari mantra

॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय,भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय,तस्मै न काराय नमः शिवाय ॥१॥मन्दाकिनी सलिलचन्दन चर्चिताय,नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय ।मन्दारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय,तस्मै म काराय नमः शिवाय ॥२॥शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द,सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय ।श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय,तस्मै शि काराय नमः शिवाय ॥३॥वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्य,मुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय।चन्द्रार्क वैश्वानरलोचनाय,तस्मै व काराय नमः शिवाय ॥४॥यक्षस्वरूपाय जटाधराय,पिनाकहस्ताय सनातनाय ।दिव्याय देवाय दिगम्बराय,तस्मै य काराय नमः शिवाय ॥५॥पञ्चाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ ।शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥
MAR 08, 2024 20:36 IST

Sham ko shivling par jal chada sakte hain

शिवलिंग पर कभी भी शाम के समय जल अर्पित नहीं करना चाहिए। सुबह 5 बजे से 11 बजे के बीच जल अर्पित करना शुभ होता है। शिव जी का जलाभिषेक करें तो जल में अन्य कोई भी सामग्री न मिलाएं।
MAR 08, 2024 20:14 IST

mahadev ji ke aarti

॥ शिवजी की आरती ॥ॐ जय शिव ओंकारा,स्वामी जय शिव ओंकारा।ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,अर्द्धांगी धारा॥ॐ जय शिव ओंकारा॥एकानन चतुराननपञ्चानन राजे।हंसासन गरूड़ासनवृषवाहन साजे॥ॐ जय शिव ओंकारा॥दो भुज चार चतुर्भुजदसभुज अति सोहे।त्रिगुण रूप निरखतेत्रिभुवन जन मोहे॥ॐ जय शिव ओंकारा॥अक्षमाला वनमालामुण्डमाला धारी।त्रिपुरारी कंसारीकर माला धारी॥ॐ जय शिव ओंकारा॥श्वेताम्बर पीताम्बरबाघम्बर अंगे।सनकादिक गरुणादिकभूतादिक संगे॥ॐ जय शिव ओंकारा॥कर के मध्य कमण्डलुचक्र त्रिशूलधारी।सुखकारी दुखहारीजगपालन कारी॥ॐ जय शिव ओंकारा॥ब्रह्मा विष्णु सदाशिवजानत अविवेका।मधु-कैटभ दो‌उ मारे,सुर भयहीन करे॥ॐ जय शिव ओंकारा॥लक्ष्मी व सावित्रीपार्वती संगा।पार्वती अर्द्धांगी,शिवलहरी गंगा॥ॐ जय शिव ओंकारा॥पर्वत सोहैं पार्वती,शंकर कैलासा।भांग धतूर का भोजन,भस्मी में वासा॥ॐ जय शिव ओंकारा॥जटा में गंग बहत है,गल मुण्डन माला।शेष नाग लिपटावत,ओढ़त मृगछाला॥ॐ जय शिव ओंकारा॥काशी में विराजे विश्वनाथ,नन्दी ब्रह्मचारी।नित उठ दर्शन पावत,महिमा अति भारी॥ॐ जय शिव ओंकारा॥त्रिगुणस्वामी जी की आरतिजो कोइ नर गावे।कहत शिवानन्द स्वामी,मनवान्छित फल पावे॥ॐ जय शिव ओंकारा॥
MAR 08, 2024 20:08 IST

sadhguru mahashivratri program on which channel

Sadhguru's YouTube channels
MAR 08, 2024 19:56 IST

शिव जी के भजन हिंदी में

https://www.youtube.com/playlist?list=PLyXHXSHxLqKy7cz5yZueJSena5aZVUQRU
MAR 08, 2024 19:46 IST

शिव जी की आरती

शिव जी की आरती
MAR 08, 2024 19:17 IST

Isha Mahashivratri live

8 मार्च 2024,शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक
MAR 08, 2024 19:16 IST

Isha Mahashivratri live

8 मार्च 2024,शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक
MAR 08, 2024 18:54 IST

Isha mahashivratri live on which channel: ईशा फाउंडेशन महाशिवरात्रि लाइव प्रसारण

MAR 08, 2024 18:54 IST

isha mahashivratri 2024 live

8 मार्च 2024,शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक
MAR 08, 2024 18:39 IST

महाशिवरात्रि 2024 चार प्रहर पूजा शुभ मुहूर्त (Mahashivratri 2024 shubh Muhurat)

प्रथम प्रहर की पूजा- 08 मार्च शाम 06 बजकर 29 मिनट से रात 09 बजकर 33 मिनट तकदूसरे प्रहर की पूजा- 08 मार्च सुबह 09 बजकर 33 मिनट से 09 मार्च सुबह 12 बजकर 37 मिनट तकतीसरे प्रहर की पूजा-09 मार्च सुबह 12 बजकर 37 मिनट से 03 बजकर 40 मिनट तकचौथे प्रहर की पूजा- 09 मार्च सुबह 03 बजकर 40 मिनट से 06 बजकर 44 मिनट तकपारण मुहूर्त : 09 मार्च की सुबह 06 बजकर 38 मिनट से दोपहर 03 बजकर 30 मिनट तक।
MAR 08, 2024 18:23 IST

When to open mahashivratri fast ((महाशिवरात्रि का व्रत कैसे खोलें)

महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने वाले लोग शाम के समय शिव जी की पूजा के बाद ही भोजन करें। वहीं जो लोग पूर्ण रात्रि व्रत रखते हैं वह चारों प्रहर की पूजा करने के बाद अगले दिन सूर्योदय पर ही व्रत का पारण करें। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि इस व्रत में पूजा के दौरान पार्थिव शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण न करें।
MAR 08, 2024 17:56 IST

Mahashivratri Vrat Kaise Kholen (महाशिवरात्रि का व्रत कैसे खोलें)

महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने वाले लोग शाम के समय शिव जी की पूजा के बाद ही भोजन करें। वहीं जो लोग पूर्ण रात्रि व्रत रखते हैं वह चारों प्रहर की पूजा करने के बाद अगले दिन सूर्योदय पर ही व्रत का पारण करें। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि इस व्रत में पूजा के दौरान पार्थिव शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण न करें।
MAR 08, 2024 17:41 IST

how to break mahashivratri fast (महाशिवरात्रि का व्रत कैसे खोलें)

महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने वाले लोग शाम के समय शिव जी की पूजा के बाद ही भोजन करें। वहीं जो लोग पूर्ण रात्रि व्रत रखते हैं वह चारों प्रहर की पूजा करने के बाद अगले दिन सूर्योदय पर ही व्रत का पारण करें। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि इस व्रत में पूजा के दौरान पार्थिव शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण न करें।
MAR 08, 2024 17:19 IST

can shivling be kept at home (क्या घर में शिवलिंग स्थापित कर सकते हैं।

घर में शिवलिंग स्थापित करने से पहले स्थान का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। ध्यान रहे कि घर के कोने में शिवलिंग न रखें। ऐसी जगह का चुनाव करने से भगवान शिव की ठीक से पूजा नहीं हो पाती है। इससे भगवन शिव क्रोधित हो जाते हैं और जीवन में गलत प्रभाव पड़ सकता है।
MAR 08, 2024 17:00 IST

Shivling ke Puja Kyun Ke Jati Hai (शिवलिंग की पूजा क्यों की जाती है)

'लिंग' का अर्थ है 'सृजन'। सर्जनहार के रूप में उत्पादक शक्ति के चिह्न् के रूप में लिंग की पूजा होती है। स्कंद पुराण में लिंग का अर्थ लय लगाया गया है। लय (प्रलय) के समय अग्नि में सब भस्म हो कर शिवलिंग में समा जाता है और सृष्टि के आदि में लिंग से सब प्रकट होता है।
MAR 08, 2024 16:40 IST

क्या महाशिवरात्रि के दिन नॉन वेज खा सकते हैं (Can We Eat Non vey In Mahashivratri)

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि के व्रत का बहुत महत्व है। इस दिन गलती से भी मांस-मदिरा, तामसिक चीजें, लहसुन, प्याज जैसी चीजों का सेवन ना करें। अगर आपने महाशिवरात्रि का व्रत रखा है तो आप केवल फलाहार करें। इस दिन आप भोजन ना ग्रहण करें। इसके अगले दिन आप इस व्रत का पारण कर सकते हैं।
MAR 08, 2024 16:20 IST

Can we offer water to shivling in evening (क्या शाम के समय शिव जी को जल चढ़ाते सकते हैं)

शिव पुराण के अनुसार, सूर्यास्त के बाद शिवलिंग पर जल नहीं चढ़ाना चाहिए, क्योंकि इस समय में सूर्य देव पूजा के साक्षी नहीं होते।
MAR 08, 2024 15:57 IST

History of Shivling

शिवलिंग का इतिहास कई हजार वर्षों पुराना है। सभी देव देवताओं में शिव ही एकमात्र भगवान हैं जिनके लिंग स्वरूप की आराधना की जाती है। दूसरी पौराणिक कथा के अनुसार, इसका इतिहास समुद्र मंथन से जुड़ा है। समुद्र मंथन के समय जब विष की उत्पत्ति हुई तो समस्त ब्रह्माण की रक्षा के लिए उसे महादेव द्वारा ग्रहण किया गया।