श्री कृष्ण जन्म स्तुति हिंदी में (श्री कृष्ण जन्म स्तुति भए प्रगट गोपाला के हिंदी लिरिक्स): जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के जन्म के समय श्री कृष्ण जन्म स्तुति गाई जाती है। इस स्तुति में श्री कृष्ण के जन्म की कथा का वर्णन करते हुए बताया गया है कि आज श्रीकृष्ण का जन्म हुआ है। वे गोपों के रक्षक, दीन-दुखियों पर दया करने वाले और अपनी माता यशोदा के हितकारी रूप में प्रकट हुए हैं। यहां आप श्री कृष्ण हिंदी जन्म स्तुति लिखित में देख सकते हैं। नोट करें श्री कृष्ण जन्म स्तुति हिंदी में, श्री कृष्ण जन्म स्तुति का भाव, श्री कृष्ण जन्म स्तुति Lyrics hindi mein।
श्री कृष्ण जन्म स्तुति भए प्रगट गोपाला हिंदी लिरिक्स लिखित में
भये प्रगट गोपाला दीनदयाला यशुमति के हितकारी।
हर्षित महतारी सुर मुनि हारी मोहन मदन मुरारी ॥
कंसासुर जाना मन अनुमाना पूतना वेगी पठाई।
तेहि हर्षित धाई मन मुस्काई गयी जहाँ यदुराई॥
तब जाय उठायो हृदय लगायो पयोधर मुख मे दीन्हा।
तब कृष्ण कन्हाई मन मुस्काई प्राण तासु हर लीन्हा॥
जब इन्द्र रिसायो मेघ पठायो बस ताहि मुरारी।
गौअन हितकारी सुर मुनि हारी नख पर गिरिवर धारी॥
कन्सासुर मारो अति हँकारो बत्सासुर संघारो।
बक्कासुर आयो बहुत डरायो ताक़र बदन बिडारो॥
तेहि अतिथि न जानी प्रभु चक्रपाणि ताहिं दियो निज शोका।
ब्रह्मा शिव आये अति सुख पाये मगन भये गये लोका॥
यह छन्द अनूपा है रस रूपा जो नर याको गावै।
तेहि सम नहि कोई त्रिभुवन सोयी मन वांछित फल पावै॥
नंद यशोदा तप कियो , मोहन सो मन लाय।
देखन चाहत बाल सुख , रहो कछुक दिन जाय॥
जेहि नक्षत्र मोहन भये ,सो नक्षत्र बड़िआय।
चार बधाई रीति सो , करत यशोदा माय॥
इस स्तुति को जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण के जन्म के समय पढ़ें और बांके बिहारी की कृपा पाएं।
