अध्यात्म

Kashi Vishwanath Online Darshan: घर बैठे करिए बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन, मंदिर प्रशासन ने की ये खास व्यवस्था

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Jan 5, 2023, 07:52 AM IST

Kashi Vishwanath Mandir Online Darshan: काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब लाइव दर्शन की व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। अब श्रद्धालु दूर बैठे भी बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर सकेंगे।

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Kashi Vishwanath Online Darshan: घर बैठे करिए बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन, मंदिर प्रशासन ने की ये खास व्यवस्था

Kashi Vishwanath Mandir Online Darshan: काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब लाइव दर्शन की व्यवस्था शुरू करने जा रहा है । श्रद्धालु अब घर बैठे बाबा विश्वनाथ का लाइव दर्शन यूटयूब के माध्यम से कर सकेंगे। गौरतलब है कि टाटा स्काई से बीते साल जून के महीने में अनुबंध मंदिर प्रशासन का खत्म हो गया है। तब से लाइव दर्शन बाबा का नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने https://www.youtube.com/shrikashivishwanath के यूट्यूब लिंक चैनल पर लाइव दर्शन की व्यवस्था की है। जिससे श्रद्धालु दूर बैठे भी बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर सकेंगे।

बता दें कि वाराणसी शहर में स्थित भगवान शिव का यह मंदिर हिंदूओं के प्राचीन मंदिरों में से एक है, जोकि गंगा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है। कहा जाता है कि यह मंदिर भगवान शिव और माता पार्वती का आदि स्थान है। जब देवी पार्वती अपने पिता के घर रह रही थीं जहां उन्हें बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था. देवी पार्वती ने एक दिन भगवान शिव से उन्हें अपने घर ले जाने के लिए कहा. भगवान शिव ने देवी पार्वती की बात मानकर उन्हें काशी लेकर आए और यहां विश्वनाथ-ज्योतिर्लिंग के रूप में खुद को स्थापित कर लिया।

वर्तमान मंदिर का निर्माण महारानी अहिल्या बाई होल्कर द्वारा सन् 1780 में करवाया गया था। बाद में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा 1853 में 1000 कि.ग्रा शुद्ध सोने द्वारा बनवाया गया था। हाल ही में वाराणसी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा के अनुरूप उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनाकर इस मंदिर को भव्य रूप दिया है।

ऐप हुआ लॉन्च

काशी विश्वनाथ मंदिर ने लाइव दर्शन ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजन में आसानी होगी, साथ ही प्रशासन को भी मंदिर में भीड़ नियंत्रित करने में सुविधा होगी। ऐप की ये खासियत होगी कि इसमें हिन्दी, अंग्रेजी और दक्षिण भारत की कई भाषाएं हैं।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघव author

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर... और देखें

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