Shani Sadhesati and dhaiyaa se mukti ke upay: अगर आप शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा की मार झेल रहे हैं? काम अटक रहे हैं, पैसा नहीं रुकता और स्वास्थ्य खराब रहता है? चिंता मत कीजिए। आप कुछ ऐसे उपायों को कर सकते हैं, जिनसे शनि आपको जरा भी परेशान नहीं कर पाएंगे। ज्योतिष के अनुसार शनिदेव न्याय के देवता हैं, लेकिन शिवजी उनके गुरु हैं। वहीं, हनुमान जी शनिदेव के मित्र हैं। इस कारण शनिदेव भगवान शिव और हनुमान जी के भक्तों को परेशान नहीं करते हैं। ऐसे में अगर आप कुछ आसान से उपायों को अपनाते हैं तो आपको शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। आइए जानते हैं कि वे उपाय कौन से हैं, जिनको आप अपना सकते हैं।
हनुमान जी की ऐसे करें पूजा
शनि के प्रभाव से परेशान लोगों के लिए हनुमान जी की उपासना बेहद असरदार मानी जाती है। माना जाता है कि ऐसा व्यक्ति हर शनिवार को हनुमान जी को लाल सिंदूर, चमेली का तेल और गुड़-चना अर्पित करता है, तो उसके ऊपर से शनि का नकारात्मक असर कम होने लगता है। हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से मन मजबूत होता है, डर दूर होता है और शनि की वजह से होने वाली अड़चनें धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं।
ऐसे करें भगवान शिव का पूजन
भगवान शिव को शनि का गुरु माना गया है, इसलिए शिव की भक्ति करने से भी शनि के दोष कम होने लगते हैं। हर सोमवार शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है और जीवन की रुकावटें धीरे-धीरे हटने लगती हैं। शिव अपनी कृपा से शनि के कठोर प्रभाव को बहुत हद तक नरम कर देते हैं और व्यक्ति को साहस तथा स्थिरता प्रदान करते हैं।
कृष्ण की भक्ति
शास्त्रों में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति को जीवन की परेशानियों से उबारने वाला माना गया है। शनि की ढैय्या या साढ़ेसाती के समय श्रीकृष्ण के मंत्रों का जाप करने या रोज भगवान को तुलसी की माला चढ़ाने से घर में सकारात्मकता बढ़ती है। कृष्ण भक्ति से मन शांत होता है, तनाव कम होता है और व्यक्ति किसी भी मुश्किल परिस्थिति का सामना धैर्य से कर पाता है। यह शनि के मानसिक दबाव को कम करने में बहुत मदद करती है।
सूर्य देव की उपासना
सूर्य देव को दृढ़ता और जीवन शक्ति का देवता कहा जाता है। सुबह उगते सूरज को जल चढ़ाकर आदित्य हृदय स्तुति या गायत्री मंत्र का नियमित जाप करने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है और शनि के कारण नौकरी या करियर में आने वाली रुकावटें कम होने लगती हैं। सूर्य की कृपा से जीवन में रोशनी और ऊर्जा आती है, जिससे शनि का असर धीमे-धीमे कम हो जाता है।
माता काली की पूजा
माता काली की आराधना डर, नेगेटिव एनर्जी और बाधाओं को दूर करने के लिए बेहद शक्तिशाली मानी जाती है। शनि के प्रभाव से उत्पन्न भय, असफलता और लगातार परेशानी से बचने के लिए मंगलवार या शनिवार को माता काली को लाल फूल अर्पित करें और उनका मंत्र जप करें। माना जाता है कि माता की कृपा से व्यक्ति निर्भय होता है और शनि से जुड़ी कई रुकावटें अपने आप दूर होने लगती हैं।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
