अध्यात्म

Shani Dev 10 Names: आज शनि जयंती पर कुंभ, मकर समेत ये राशि वाले शनि के 10 नामों का जरूर करें जाप, शनि साढ़े साती और ढैय्या से तुंरत मिलेगी राहत

Shani Dev Ke 10 Naam: शनि की महादशा से छुटकारा पाने के लिए शनि के 10 नामों का जाप अत्यंत शुभ माना जाता है। 6 जून को शनि जयंती मनाई जा रही है। ऐसे में इस शुभ दिन पर शनि भगवान के 10 नाम का जाप जरूर करें इससे आपके जीवन की तमाम परेशानियां खत्म हो जाएंगी।

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Shani Dev 10 Names

Shani Bhagwan Ke 10 Naam (शनि भगवान के 10 नाम): शनि भगवान के 10 प्राचीन और पवित्र नामों का जाप बेहद कल्याणकारी माना जाता है। मान्यताओं अनुसार इन नामों का जाप करने से शनि दोषों से छुटकारा मिल जाता है। साथ ही कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है। इन नामों का जप करने के लिए शनिवार के अलावा शनि जयंती का दिन बेहद खास होता है। इस साल शनि जयंती 6 जून को मनाई जा रही है। ऐसे में शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या से पीड़ित राशि वाले शनि के 10 नामों का जाप जरूर करें इससे जीवन की तमाम परेशानियों का अंत हो जाएगा।

शनि के 10 नाम वाला मंत्र (Shani 10 Names Mantra)

कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:। सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।

शनि भगवान के 10 नाम (Shani Dev Ke 10 Names)

1. कोणस्थ

2. पिंगल

3. बभ्रु

4. कृष्ण

5. रौद्रान्तक

6. यम

7. सौरि

8. शनैश्चर

9. मंद

10. पिप्पलाद

शनि के 10 नामों का जाप कैसे करें (Shani 10 Names Jaap Vidhi)

शनि के 10 नामों का जाप आप घर पर या शनि मंदिर में जाकर भी कर सकते हैं। मंत्रों का जाप करने से पहले धूप-दीप जलाएं और शनि देव की प्रतिमा पर फूल-प्रसाद चढ़ाएं। इसके बाद शनि भगवान के 10 नाम वाले मंत्र का जप 108 बार करें। अगर मंत्र का उच्चारण करने में दिक्कत हो रही है तो आप इसकी जगह पर शनि के 10 नामों का जप भी कर सकते हैं। जप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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