न्यूयॉर्क: बेन शेल्टन ने पांच सेट तक चले मैराथन मुकाबले में मौजूदा चैंपियन कार्लोस अल्कराज को हराकर अमेरिकी ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाई जबकि महिला वर्ग में एरिना सबालेंका और जेसिका पेगुला अंतिम चार में पहुंचने में सफल रहीं। शेल्टन ने अल्काराज़ को चार घंटे 28 मिनट तक चले मैच में 6-7 (5), 6-1, 6-3, 1-6, 7-6 (10-7) से हराया। इस तरह से अल्काराज़ का ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में पिछले 18 मैच से चला आ रहा विजय अभियान भी थम गया।
किसी जंग से कम नहीं था मुकाबला
शेल्टन ने बाद में कहा, 'मैं थक गया हूं। यह किसी जंग से कम नहीं था। कार्लोस हमारे खेल के महानतम खिलाड़ियों में से एक हैं। यह मेरे करियर का सर्वश्रेष्ठ मैच था। इसमें कोई शक नहीं।' यह मैच सुबह तीन बजकर 33 मिनट पर समाप्त हुआ और इस तरह से यह अमेरिकी ओपन में सबसे देर तक चला मैच बन गया है। दूसरी वरीयता प्राप्त अल्कराज ने कहा,'यह करीबी मुकाबला था। वास्तव में यह बेहद करीबी मैच था। इसलिए मुझे निराशा है कि मैं आखिर में जीत दर्ज नहीं कर पाया। लेकिन मैंने आखिर तक मुकाबला किया और मुझे खुद पर गर्व है।'
शेल्टन की होगी टियाफो से फाइनल के लिए भिड़ंत
सेमीफाइनल में शेल्टन का मुकाबला 11वीं वरीयता प्राप्त फ्रांसिस टियाफो से होगा, जिन्होंने एलेक्स मिशेलसन को 5-7, 3-6, 7-5, 6-3, 7-6 (10-6) से हराया। टियाफो ने तीसरी बार इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। शेल्टन और टियाफो के सेमीफाइनल में आमने-सामने होने से यह सुनिश्चित हो गया है कि अमेरिका का एक पुरुष खिलाड़ी फाइनल में पहुंचेगा। एंडी रॉडिक के 2003 में खिताब जीतने के बाद अमेरिका का कोई भी पुरुष खिलाड़ी ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीत पाया है।
अमेरिकी ओपन इतिहास का सबसे लंबा मुकाबला
इससे पहले अमेरिकी ओपन में सबसे देर तक चले मुकाबले में भी अल्कराज शामिल थे। उन्होंने 2022 के क्वार्टर फाइनल में यानिक सिनर को हराया था और फिर 19 साल की उम्र में अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था। यह मैच सुबह दो बजकर 50 मिनट पर समाप्त हुआ था। शेल्टन ने तीसरी बार किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई। इससे पहले वह 2023 में अमेरिकी ओपन और 2025 ऑस्ट्रेलियाई ओपन के अंतिम चार में पहुंचे थे। शेल्टन ने दूसरे सेट की शुरुआत से ही लगातार नौ गेम जीतकर मैच पर अपना नियंत्रण बना दिया। दाहिनी कलाई की चोट के कारण अप्रैल के बाद अपने पहले टूर्नामेंट में खेल रहे अल्काराज़ ने चौथा सेट जीतकर वापसी की। वह थोड़ा अस्वस्थ लग रहे थे क्योंकि उन्होंने अंतिम सेट शुरू होने से पहले उल्टी की।
सबालेंका ने नहीं मानी आखिर तक हार
इससे पहले सबालेंका को जब लग रहा था कि अमेरिकी ओपन में लगातार तीसरा खिताब और महिला वर्ग में नंबर एक रैंकिंग बनाए रखने का उनका सपना टूट रहा है तब उन्होंने साबित किया कि वह आखिर तक हार मानने वाली नहीं हैं। सबालेंका ने मंगलवार को रोमांचक मुकाबले में विंबलडन चैंपियन लिंडा नोस्कोवा को 7-6 (1), 3-6, 7-6 (10-7) से हराकर अमेरिकी ओपन के सेमीफाइनल में प्रवेश किया जहां उनका सामना जेसिका पेगुला से होगा।
पेगुला से होगी सेमीफाइनल में भिड़ंत
सबालेंका ने मैच के बाद कहा,'क्या जबरदस्त मुकाबला था। वह क्या शानदार खिलाड़ी है। एक समय तो मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है। इससे मुझे थोड़ा सहज होने और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिली।' सबालेंका के लिए नंबर एक की रैंकिंग बरकरार रखने के लिए इस मैच में जीत जरूरी थी। उन्हें अब पेगुला की कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। इस तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने पहला सेट गंवाने के बाद वापसी करते हुए 26वीं वरीयता प्राप्त एम्मा नवारो को 3-6, 6-4, 6-3 से हराया। सबालेंका ने 2024 के फाइनल और पिछले साल सेमीफाइनल में पेगुला को हराया था।
