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Shivling Puja: शिवलिंग पर जल चढ़ाने का क्या है सही तरीका? ऐसे चढ़ाएंगे जल तो भोलेनाथ पूरी करेंगे हर इच्छा

Shivling Par Jal Chadhane Ka Sahi Tarika: शिवलिंग के जरिए भगवान शिव की अराधना की जाती है। शिवलिंग पर जल चढ़ाने का विशेष महत्व है। जल चढ़ाने में गलती से पाप चढ़ने का भय होता है। इसलिए पहले आप यहां से जान लें कि शिवलिंग पर जल कैसे चढ़ाना चाहिए।

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shivling par jal chadhane ka sahi tarika

Shivling Par Jal Chadhane Ka Sahi Tarika: सावन नजदीक है और सावन में लोग रोज शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। शिवलिंग को भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। शिवलिंग में भगवान् शिव के अलावा कार्तिकेय, भगवान गणेश, माता पार्वती और शिव जी की पुत्री अशोक सुन्दरी इत्यादि का भी वास माना जाता है। शिवलिंग की पूजा कई सारी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए की जाती है और प्रत्येक मनोकामना के अनुसार शिवलिंग पर कई सारी चीजें भी चढ़ाई जाती हैं। यहां से आप शिवलिंग पर कौन सी चीज पहले चढ़ानी चाहिए और कौन सी बाद में, ये जान सकते हैं। साथ ही आप जान सकते हैं शिवलिंग पर जल चढ़ाने का सही तरीका-

ऐसे चढ़ाएं जल-

  • शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए इस बात का ध्यान रखें कि जल हमेशा धीर धीरे ही चढ़ाना चाहिए। जल की धारा हमेशा पतली और धीमी और लगातार होनी चाहिए।
  • जब भी आप जल चढ़ाते हैं तो इसे धार में चढ़ाना चाहिए।
  • अगर धार टूट जाए तो जल चढ़ाना रोक देना चाहिए। रुक रुक कर चढ़ाया गया जल भगवान शिव स्वीकार नहीं करते हैं और पूजा का फल प्राप्त नहीं होता है।
  • जल चढ़ाने के लिए गंगाजल, साफ पानी या गाय के दूध का ही उपयोग करना चाहिए।
  • हमेशा पूर्व दिशा में मुख करके जल चढ़ाना चाहिए।
  • जल चढ़ाते समय झुककर या बैठकर पूजा करनी चाहिए।

न करें ये गलतियां-

भगवान शिव की पूजा में शिवलिंग पर जल चढ़ाने के अलावा कुछ खास चीजें भी चढ़ाई जाती है। बेलपत्र, धतुरा, आक के फूल और शमी के पत्ते शिव भगवान को विशेष प्रिय है इसलिए शिवलिंग पर इन्हें जरूर चढ़ाना चाहिए। लेकिन शिवलिंग पर कुछ चीजों को चढ़ाना वर्जित माना जाता है. शिवलिंग पर भूलकर भी तुलसी, सिंदूर, नारियल, शंख और केतकी के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए. भगवान शिव की पूजा ये सभी चीजें निषिद्ध मानी जाती हैं।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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