सरस्वती पूजा विसर्जन डेट 2026 में क्या है, 2026 में कब किया जाएगा मां सरस्वती का विसर्जन, सरस्वती विसर्जन क्यों करते हैं
- Authored by: मेधा चावला
- Updated Jan 20, 2026, 04:35 PM IST
Saraswati Puja Visarjan Date 2026: बसंत पंचमी में मां सरस्वती की पूजा की जाती है। कई जगहों पर शारदीय नवरात्रि में भी सरस्वती माता की पूजा होती है। इस पूजा के बाद उनको विदाई देने की भी परंपरा है जिसे सरस्वती विसर्जन कहा जाता है। यहां देखें कि सरस्वती पूजा विसर्जन डेट 2026 में कब पड़ेगी। यहां देखें कि इस साल मां सरस्वती का विसर्जन करके विदाई कब दी जाएगी।
सरस्वती विसर्जन 2026 की डेट
Saraswati Puja Visarjan Date 2026: मां सरस्वती हिन्दू धर्म में ज्ञान, संगीत, कला, शिक्षा और बुद्धि की देवी हैं। नवरात्रि के दौरान उनकी पूजा का विशेष स्थान है। नवरात्रि के अंतिम दिन उनके विसर्जन का अर्थ है ज्ञान को पूर्ण रूप से आत्मसात करना और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन में आगे बढ़ना। यहां देखें कि 2026 में सरस्वती विसर्जन की डेट क्या है।
सरस्वती विसर्जन 2026 की डेट
सरस्वती विसर्जन (Saraswati Visarjan) 2026 में 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को पड़ रहा है। यह दिन नवरात्रि में माता सरस्वती की पूजा के चौथे और अंतिम दिन के रूप में मनाया जाता है।
सरस्वती विसर्जन 2026 शुभ मुहूर्त
सरस्वती विसर्जन का शुभ समय श्रवण नक्षत्र के दौरान 19 अक्टूबर को रहेगा। इसके लिए दोपहर 03:38 बजे से रात 10:14 बजे तक समय सरस्वती विसर्जन के लिए होगा।
मां सरस्वती का विसर्जन क्यों किया जाता है?
हिन्दू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा एक निश्चित अवधि के लिए की जाती है। मान्यता है कि पूजा के दौरान देवी पृथ्वी पर अपने भक्तों के बीच विराजमान रहती हैं और पूजा पूर्ण होने के बाद अपने लोक को लौट जाती हैं। विसर्जन इसी सम्मानजनक विदाई का प्रतीक है।
साथ ही इससे सीख मिलती है कि मां सरस्वती की पूजा के बाद उनसे प्राप्त ज्ञान को अपने व्यवहार और कर्म में अपनाने का समय है। पारंपरिक रूप से विसर्जन जल में किया जाता है, जो यह दर्शाता है कि सृष्टि के सभी तत्व - जल, पृथ्वी, वायु, अग्नि - एक-दूसरे से जुड़े हैं। यह प्रकृति के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है।