अध्यात्म

मार्गशीर्ष महीने में इन संस्कृत मंत्रों का जरूर करें जाप, हर मनोकामना होगी पूरी

Margashirsha Month Sanskrit Mantra: मार्गशीर्ष महीने में कुछ मंत्रों का जाप करना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। कहते हैं इससे जीवन की सारी परेशानियों का अंत हो जाता है।

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Margashirsha Month Sanskrit Mantra

Margashirsha Month Sanskrit Mantra: मार्गशीर्ष महीना 16 नवंबर से शुरू हो चुका है जिसकी समाप्ति 15 दिसंबर को होगी। इस महीने को अगहन के नाम से भी जाना जाता है। ये हिंदू वर्ष का नौवां महीना होता है जो अत्यंत पवित्र माना जाता है। गीता में भगवान कृष्ण ने भी इसे श्रेष्ठ महीना बताया है। इसलिए इस महीने में पूजा, व्रत, जप और तप का विशेष महत्व होता है। इस महीने में धन, सुख और समृद्धि के लिए कुछ मंत्रों का जाप बेहद फलदायी माना गया है। चलिए जानते हैं मार्गशीर्ष महीने में किन मंत्रों का जाप करना चाहिए।

मार्गशीर्ष महीने में इन मंत्रों का करें जाप

भगवान विष्णु और कृष्ण जी की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो मार्गशीर्ष महीने में नीचे दिए गए मंत्रों का जाप कम से कम 108 बार जरूर करें। इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाएंगी।

-हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे।

हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे

इस मंत्र का जाप करने से मन की शुद्धि होती है और भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

-गोविंद दामोदर माधवेति

यह शक्तिशाली मंत्र भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न नामों का स्मरण कराता है। मार्गशीर्ष महीने में इस मंत्र का जाप करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

-ॐ श्री कृष्णाय नमः

यह शक्तिशाली मंत्र भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। इस मंत्र का प्रतिदिन जाप करने से भगवान की कृपा, सुख और शांति की प्राप्ति होती है।

-ॐ विष्णवे नमः

यह मंत्र भगवान विष्णु के सभी रूपों की आराधना का प्रतीक है। इस मंत्र का जाप करने से लाइफ की कई समस्याओं का हल हो जाता है।

-ॐ नमो नारायणाय

यह मंत्र भगवान विष्णु के नारायण स्वरूप की आराधना का प्रतीक है। कहते हैं जो व्यक्ति सच्चे मन से मार्गशीर्ष महीने में इस मंत्र का जाप करता है उसक सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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