झारखंड के रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांत कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी कार्रवाई बेहद तेज कर दी है। गुरुवार तड़के एनआईए की टीम ने लोहरदगा में कई संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह करीब 4:00 बजे शुरू हुई यह हाई-वोल्टेज कार्रवाई कई घंटों तक चली, जिसमें जांच एजेंसी ने भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में डिजिटल उपकरणों और संदिग्ध दस्तावेजों को जब्त किया है।
क्रेन बुलाकर घर में घुसी NIA की टीम
गुरुवार सुबह हुई इस छापेमारी के दौरान लोहरदगा में एक अनोखा और बेहद कड़ा नजारा देखने को मिला। एनआईए की टीम जब एक संदिग्ध के घर पहुंची, तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था और काफी कोशिशों के बाद भी नहीं खोला गया। जांच एजेंसी ने बिना वक्त गंवाए तुरंत मौके पर एक क्रेन मंगवाई। इसके बाद क्रेन की मदद से अधिकारी भवन के ऊपरी हिस्से क पहुंचे और घर के भीतर दाखिल होकर तलाशी शुरू की। इस नाटकीय और सख्त कार्रवाई को देखने के लिए सुबह-सुबह ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई थी।
सैफ और अमन अंसारी के ठिकानों पर रेड
सूत्रों के मुताबिक, एनआईए की टीम ने इस मामले में पहले से ही न्यायिक हिरासत में बंद मुख्य आरोपियों-सैफ अंसारी और अमन अंसारी-के पैतृक आवासों समेत कई अन्य संदिग्ध ठिकानों की गहन तलाशी ली। जांच एजेंसी इस हमले के पीछे सक्रिय किसी बड़े आतंकी या राष्ट्रविरोधी नेटवर्क, आरोपियों के संदिग्ध संपर्कों और हमले के पीछे रची गई गहरी साजिश के सबूत जुटाने में लगी है।
डिजिटल साक्ष्य और अहम दस्तावेज जब्त
पूरे अभियान को बेहद गोपनीय रखते हुए केंद्रीय सुरक्षा बलों के कड़े पहरे में अंजाम दिया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घंटों चली इस तलाशी के दौरान एनआईए के हाथ कई महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। आरोपियों के ठिकानों से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं। कुछ संदिग्ध दस्तावेज भी मिले हैं, जिन्हें फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।
16 जून को हुआ था हमला
बता दें कि रांची के आरएसएस प्रांत कार्यालय पर यह पेट्रोल बम हमला 16 जून 2026 की रात को हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच एनआईए को सौंपी गई थी। इससे पहले 19 जून को भी एनआईए ने लोहरदगा में कुछ ठिकानों पर छापेमारी की थी।
