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Chhath Puja Sandhya Arghya Timing Today (27-OCT-25): छठ पूजा संध्या अर्घ टाइमिंग, आज दिल्ली , फरीदाबाद , गाजियाबाद , गुड़गांव और नोएडा में सूर्यास्त का समय सूर्य कितने बजे तक डूबेगा यहाँ देखें सनसेट डिटेल्स

Chhath Puja Sandhya Arghya Timing Today (27-OCT-25) छठ पूजा संध्या अर्घ टाइमिंग, आज दिल्ली , फरीदाबाद , गाजियाबाद , गुड़गांव और नोएडा सूर्यास्त का समय सूर्य कितने बजे तक डूबेगा (सनसेट डिटेल्स): हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ मनाया जाता है। छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य होता है, जिसमें सूर्यास्त होते ही सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है। अगर आप दिल्ली में या दिल्ली के आसपास रहते हैं और सूर्यास्त का समय सर्च कर रहे हैं तो आपको यहां से मदद मिलेगी।

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आज दिल्ली में सूरज कब डूबेगा (pic credit: canva)

Chhath Puja Sandhya Arghya Timing Today (27-OCT-25): आज छठ महापर्व का तीसरा दिन है, जिसे संध्या अर्घ्य कहा जाता है। आज सूर्य देव के अस्त होने के समय उन्हें दूध या जल से अर्घ्य दिया जाता है। छठ इकलौता ऐसा पर्व है जिसमें उगते हुए सूर्य के साथ डूबते हुए सूर्य की पूजा भी की जाती है। अगर आप दिल्ली में रहते हैं और छठ कर रहे हैं तो यहां से आज के सूर्यास्त का समय जान सकते हैं। वहीं, अगर आप दिल्ली के आसपास के इलाकों में भी हैं, तो भी यहां दिल्ली के आसपास के शहरों का सूर्यास्त टाइम बताया गया है।

Delhi NCR Mein Aaj Suryast Kab Hoga

दिल्ली और आसपास के शहर के नामसूर्यास्त का समय
दिल्ली5:40 PM
गुरूग्राम5:41 PM
नोएडा5:37 PM
गाजियाबाद5:37 PM
फरीदाबाद5:39 PM
सोनीपत5:40 PM
मेरठ5:37 PM
बिजनौर5:34 PM
मुजफ्फरनगर5:38 PM

संध्या अर्घ्य के सूर्यास्त होते ही क्या किया जाता है?

सूर्यास्त होते ही छठ व्रती लोग घाट पर खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। ये अर्घ्य दूध या जल से होता है। फिर घाट या पूजा स्थल पर दीप जलाए जाते हैं और आरती की जाती है। फिर घर आकर कोसी भरे जाते हैं। यह पूजा संतान की लंबी उम्र, सुख और समृद्धि के लिए की जाती है। इस दौरान निर्जला व्रत जारी ही रहता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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