केरल के सबरीमाला मंदिर में 15 अप्रैल 2026 के दिन एक बार फिर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली, जब मंदिर विषु काणी दर्शन के लिए खोला गया। भगवान भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। विषु काणी के इस खास मौके पर मंदिर में सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। भक्तों में खास उत्साह देखने को मिला, क्योंकि इस दिन भगवान अयप्पा के दर्शन को बेहद शुभ माना जाता है। लोग परिवार के साथ मंदिर पहुंचे और पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की।
सबरीमाला मंदिर की खासियत
सबरीमाला मंदिर भारत के सबसे बड़े और प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा की पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान अयप्पा, भगवान शिव और माता मोहिनी के पुत्र माने जाते हैं। कहा जाता है कि जब भगवान विष्णु मोहिनी रूप में आए, तो उनकी सुंदरता देखकर भगवान शिव मोहित हो गए और उनसे एक पुत्र का जन्म हुआ, जिसे साश्वत कहा गया। दक्षिण भारत में यही साश्वत अयप्पा नाम से प्रसिद्ध हुए। दक्षिण भारत में भगवान अयप्पा की बहुत श्रद्धा है, इसलिए वहां इनके कई मंदिर हैं। इनमें सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध मंदिर सबरीमाला मंदिर है, जिसे दक्षिण भारत का प्रमुख तीर्थस्थल भी माना जाता है।
श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के इंतजाम
मंदिर के कपाट खुलते ही प्रशासन ने भीड़ को संभालने के लिए खास इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और दर्शन की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से चलाया जा रहा है। श्रद्धालुओं को लाइन में लगकर दर्शन करने की व्यवस्था की गई है।
विषु काणी के दिन क्यों है इतनी भीड़?
विषु काणी का पर्व केरल में नए साल की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान के दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है और लोग पूरे साल की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। कुल मिलाकर, विषु काणी के मौके पर सबरीमाला मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जहां हर भक्त भगवान अयप्पा के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस कर रहा है।
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