अध्यात्म

Sampurn Ramayan: रामायण की संपूर्ण कथा, बालकाण्ड से उत्तरकांड तक यहां देखें

Ramayan Katha In Hindi: महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित 'रामायण' भगवान श्री राम के जीवन की कथा का वर्णन करती है। जिसमें बताया गया है कि किस तरह से भगवान राम ने अपनी मर्यादा में रहते हुए अपने सभी कर्तव्यों को पूरा किया और अधर्म का नाश किया। यहां आप जानेंगे रामायण की संपूर्ण कहानी।

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Ramayan Katha In Hindi

Ramayan Katha In Hindi (रामायण कथा): धार्मिक मान्यताओं अनुसार रामचरितमानस एक ऐसा धार्मिक ग्रंथ है जिसका नियमित पाठ करने से व्यक्ति की सभी परेशानियों का अंत हो जाता है। रामायण ग्रंथ में लिखे गए हर एक दोहे और चौपाई का अपना अलग महत्व होता है। ऐसा कहा जाता है कि जिस घर में नियमित रूप से रामचरितमानस का पाठ होता है वहां कभी कोई संकट नहीं आता। लेकिन जो लोग नियमित इसका पाठ नहीं कर पाते वे विशेष मौकों पर अखंड रामायण पाठ कराते हैं। अखंड रामायण पाठ पूर्ण श्री रामचरितमानस ग्रंथ का लगातार चौबीस घंटे का पाठ है। यहां देखिए संपूर्ण रामायण पाठ संक्षेप में।

ऐसा कहा जाता है कि इस पवित्र ग्रंथ का पाठ करने से मोक्ष का द्वार खुलता है। रामचरितमानस ग्रंथ भगवान राम और रावण के जीवन की कहानी बताता है और जीवन में निरंतर आगे बढ़ते हुए सफल होने की प्रेरणा देता है। कहते हैं इस पवित्र ग्रंथ की सभी चौपाइयां जीवन की परेशानियों से बाहर आने में मदद करती हैं।

Ramayan Katha In Hindi (रामायण की संपूर्ण कथा हिंदी में)

एक श्लोकी रामायण (Ek Shloki Ramayan)

आदौ राम तपोवनादि गमनं, हत्वा मृगं कांचनम्।

वैदीहीहरणं जटायुमरणं, सुग्रीवसंभाषणम्।।

बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं, लंकापुरीदाहनम्।

पश्चाद् रावण कुम्भकर्ण हननम्, एतद्धि रामायणम्।।

इस श्लोक अर्थ है कि -जब भगवान राम वन को चले गए, तो उन्हें वहां एक सोने के हिरण दिखा। जिसका उन्होंने पीछा किया और उसे मार डाला। तभी माता सीता का रावण ने हरण कर लिया गया। माता सीता को बचाने के लिए पक्षी राज्य जटायु ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। फिर माता सीता को ढूंढते हुए भगवान राम की भेंट सुग्रीव से हुई और उनकी मित्रता हो गई। मित्रता निभाने के लिए उन्होंने सुग्रीव के भाई बाली का वध किया। सुग्रीव ने माता सीता की खोज करने में भगवान राम की सहायता की। इसके बाद हनुमान जी ने लंका पहुंचे और उन्होंने रावण की लंका में आग लगा दी। राम जी से युद्ध में रावण और उसके भाई कुंभकरण का वध हुआ। इस प्रकार इस एक श्लोक में संपूर्ण रामायण का सारांश मिलता है। कहते हैं इस श्लोक का पाठ करने से संपूर्ण रामायण का पाठ करने जिनता फल मिल सकता है।

TNN Spirituality Desk
TNN अध्यात्म डेस्क author

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