अध्यात्म

Ram Navami 2023 Puja Timings: राम नवमी पूजा मुहूर्त, विधि, मंत्र, कथा, आरती सबकुछ यहां जानें

  • Edited by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 30, 2023, 09:11 AM IST

Ram Navami 2023 Date, Time, Puja Muhurat: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को दुर्गा नवमी (Durga Navami) के साथ राम नवमी का त्योहार भी मनाया जाता है। मान्यता है इस दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। चलिए जानते हैं क्यों और कैसे मनाई जाती है राम नवमी।

Image

Ram Navami 2023: राम नवमी क्यों मनाते हैं, क्या है इस पर्व का महत्व

Ram Navami 2023 Date, Time, Puja Muhurat: हिंदू धर्म में राम नवमी का विशेष महत्व है। यह पर्व हर वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। इसलिए इसे देशभर में रामलला के जन्मोत्सव के तौर पर बड़े धूमधाम से ढोल नगाड़े के साथ सेलिब्रेट किया जाता है। कहते हैं रामनवमी के दिन विधि अनुसार प्रभु श्रीराम की उपासना करने से सारे दुख संकट दूर होते हैं। वहीं, जीवन में सुख-सम्मृद्धि का आगमन होता है। आइए रामनवमी व्रत के महत्व, इतिहास, पूजा विधि और मुहूर्त को जान लेते हैं।

रामनवमी 2023 कब है? (Ram Navami 2023 Date)

हिंदू पंचांग के अनुसार राम नवमी हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सेलिब्रेट किया जाता है। इस बार रामनवमी 30 मार्च दिन गुरुवार को है। इस दिन प्रभु श्रीराम की अद्भुत श्रृंगार कर भक्त विधि विधान से भगवान की पूजा करते हैं। आगे जानिए इस व्रत की पूजा मुहूर्त...

राम नवमी 2023 शुभ मुहूर्त (Ram Navami 2023 Shubh Muhurat)

नवमी तिथि आरंभ29 मार्च 2023, बुधवार, रात 09:07 बजे से
नवमी तिथि समाप्त30 मार्च 2023, गुरुवार, रात 11:30 बजे
राम लला की पूजा मुहूर्तसुबह प्रातः 11:11 बजे से दोपहर 01: 40 बजे तक
कुल अवधि02 घण्टे 29 मिनट

राम नवमी की पूजा विधि (Ram Navami Puja Vidhi)

  • सबसे पहले स्नान करके पवित्र होकर पूजा स्थल को साफ करें।
  • पूजा में तुलसी पत्ता और कमल का फूल जरूर होना चाहिए।
  • उसके बाद भगवान श्रीराम की षोडशोपचार पूजा करें।
  • राम नवमी की कथा सुनें।
  • अंत में श्री राम जी की आरती उतारें।
  • राम जी के मंत्रों का जाप भी जरूर करें।
  • इस दिन खीर और फल-मूल को प्रसाद के रूप में तैयार करें।
  • पूजा के बाद सभी लोगों के माथे पर तिलक लगाएं।
  • आज के दिन रामायण का पाठ करना शुभ माना जाता है।
  • आज के दिन कई लोग रामरक्षा स्त्रोत भी पढ़ते हैं।
  • कई जगह राम नवमी पर भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जाता है।
  • इस दिन लोग भगवान राम की मूर्ति को फूल-माला से सजाते हैं।
  • इस दिन भगवान राम की मूर्ति को पालने में झुलाने की भी परंपरा है।

क्यों मनाई जाती है रामनवमी? (Ramnavami History In Hindi)

पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण अपने राज्यकाल में बहुत अत्याचार करता था। उसके अत्याचारों से मुक्ति के लिए देवतागण भगवान विष्णु के पास गए और उनसें सहायता मांगी। देवताओं की प्रार्थना को सुनते हुए भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में राजा दशरथ की पत्नी कौशल्या की कोख से जन्म लिया। ऐसा माना जाता है कि जब भगवान राम का जन्म हुआ तब चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि थी। तभी से इस तिथि पर रामनवमी मनाने की परंपरा शुरू हुई।

राम नवमी का महत्व (Ram Navami 2023 Significance)

हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, राम नवमी का विशेज महत्व है। इस दिन भगवान राम के साथ उनके भाई लक्ष्मण और सीता माता की पूजा भी की जाती है। साथ ही इस दिन हनुमान जी की पूजा का भी विधान है। ऐसी मान्यता है कि राम नवमी पर प्रभु श्रीराम की पूजा करने से यश, कीर्ति और वैभव की प्राप्ति होती है। जीवन से सारे दुख, पीड़ा, संकट दूर होते हैं और सुख समृद्धि का आगमन होता है। इतना ही नहीं, भगवान राम की उपासना करने से जीवन में हमेशा सकारात्मकता का संचार रहता है। हर काम में सफलता मिलती है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article