Ram Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi ( राम जी की आरती लिरिक्स हिंदी): दशहरा का त्योहार राम जी की जीत के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस दिन ही भगवान राम ने लंकापति रावण का वध कर के लंका पर विजय प्राप्त किया था। इस दिन को विजयदशमी के नाम से भी जाना जाता है। दशहरा के दिन जगह- जगह पर रावण के पुतले जलाए जाते हैं। इस दिन ही नौ दिन के शारदीय नवरात्रि का समापन भी होता है। यह पर्व हर साल आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। आइए जानते हैं इस दिन राम जी की आरती करने से क्या लाभ मिलता है। यहां देखें राम आरती लिरिक्स हिंदी में।
Ram Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi ( राम जी की आरती लिरिक्स हिंदी)
आरती कीजै रामचंद्र जी की ।
हरि हरि दुष्ट दलन सीतापति जी की ।।
पहली आरती पुष्पन की माला ।
काली नागनाथ लाए गोपाला ।।
दूसरी आरती देवकी नंदन ।
भक्त उभारण कंस निकंदन ।।
तीसरी आरती त्रिभुवन मन मोहे ।
रतन सिंहासन सीताराम जी सोहे ।।
चौथी आरती चहुं युग पूजा ।
देव निरंजन स्वामी और न दूजा ।।
पांचवी आरती राम को भावे ।
राम जी का यश नामदेव जी गावे।।
Ram Ji Ki Aarti Benefits ( राम आरती करने के लाभ)
राम जी की आरती करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। इसके साथ ही बिना आरती के कोई भी पूजा अधूरी रहती है। इसलिए आरती करना जरूरी होता है। संध्या के समय राम आरती करने से मन को शांति प्राप्त होती है और घर में सुख समद्धि आती है। राम जी की आरती से पापों का भी अंत होता है। इसके साथ ही मन साकारात्मक भाव से भर जाता है। दशहरा के दिन राम जी की आरती करने से विजय प्राप्ति का वरदान मिलता है।
